नई दिल्ली। पूरे देश के लिए शनिवार की सुबह एक नई शुरुवात का प्रतीक है। संसद भवन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में हमारे राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के केंद्रीय कक्ष में एक साथ बटन दबाकर ठीक मध्यरात्रि 12 बजे जीएसटी को लागू कर देश के समक्ष एक देश – एक कर के नए युग की शुरुवात करदी। जहाँ एक तरफ इस कार्यक्रम का मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस सहित अन्य कई विपक्षी दलों ने बहिष्कार किया वहीँ दूसरी और समाजवादी पार्टी, जनता दाल-यू, जनता दाल-एस, अन्नाद्रमुक, और बीजू जनता दाल जैसे दाल सरकार के साथ खड़े नज़र आए। इस समारोह में पूर्व प्रधान मंत्री एच डी देवेगौडा को विशेष सम्मान दिया गया और समारोह में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, वित्त मंत्री जेटली के साथ पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा मंच पर मौजूद थे। देश के अनेक अग्रणी उद्योगपति भी इस कार्यक्रम एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्तिथ थे।  कैबिनेट मंत्रियों के अलावा वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी, भाजपा प्रमुख अमित शाह, वरिष्ठ नेता शरद पवार, रामगोपाल यादव, सहित अन्य भी मौजूद थे।

राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में वस्तु और सेवा कर का शुभारंभ करते हुए कहा की विभिन्न राजनीतिक दायरे के लोगों द्वारा किया गया प्रयास है। नेताओं ने अपनी दलगत राजनीति को परे रखकर राष्ट्र हित में एक जुट होकर काम किया है। उन्होंने कहा कि यह भारत के लोकतंत्र की परिपक्वता और बुद्धिमान का सम्मान है। इससे पहले समारोह को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि जीएसटी सभी राजनीति दलों के सामूहिक प्रयासों की देन है। मोदी ने कहा कि जीएसटी सहकारी संघवाद का एक बेहतर उदाहरण है।  प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार सरदार वल्लभभाई पटेल ने विभिन्न रियासतों को मिलाकर भारत का एक बड़ा देश बनाया था, उसी प्रकार जीएसटी के कारण देश आज आर्थिक तरीके से एक हुआ है।  शुरुआत में थोड़ी दिक्कत का सामना करने के लिए देश को तैयार रहना होगा और जीएसटी से आखिरकार सभी वर्गों के लोगों को लाभ मिलेगा। मोदी ने देश के व्यापारी वर्ग से अपील की कि जीएसटी लागू होने से उन्हें जो लाभ होता है उसका फायदा वे गरीब तबके के लोगों तक पहुंचाएं। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जीएसटी लागू होने की लंबी यात्रा का उल्लेख करते हुए इसमें शामिल सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।  उन्होंने उम्मीद जताई कि जीएसटी लागू होने से दीर्घकाल में महंगाई पर लगाम लगेगी और कर वंचना कम होगी।