जयपुर। कालेधन के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नोटबंदी के बाद अब राजस्थान में कालेधन के खिलाफ सबसे ब़डी मुहिम शुरू कर दी गई है। नोटबंदी के बाद आयकर घोषणा योजना और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण कोष योजना में कालेधन को उजागर नहीं करने वालों को सीधे जेल भेजा जा रहा है। आयकर विभाग द्वारा कालाधन जमा करने वालों को बार-बार चेतावनी देने के बाद प्रदेश में पहली बार कुल ५३३ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया गया है। राजस्थान आयकर इन्वेस्टिगेशन विंग फिलहाल तीन श्रेणी में लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है। केन्द्र सरकार और आयकर विभाग की बार-बार चेतावनी के बावजूद आयकर चोरी करने वालों के खिलाफ मुकदमे दर्ज हुए हैं, यहीं नहीं कालाधन जमा करने वाले उन लोगों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज हुआ है जिन्होंने अपनी तिजोरियों में कालाधन ठूंस-ठूंस कर भर रखा है, लेकिन तिजोरियों में छुपाए गए और काले कारोबार में निवेश किए गए कालेधन को आयकर रिटर्न में नहीं दर्शाया है। आयकर विभाग ने जिन ५३३ लोगों और कंपनियों के खिलाफ आर्थिक अपराध न्यायालय के जरिए मुकदमा दर्ज करवाया है उनमें व्यक्तिगत के साथ-साथ कंपनियों को भी शामिल किया है। अगर आपके पास कालाधन जमा है और आप इसे आयकर रिटर्न में नहीं दिखा रहे हैं तो अब आपको जेल की हवा खानी प़ड सकती है। क्योंकि अब आयकर विभाग ने कालाधन जमा कराने वाले टेक्स चोरों को जेल भेजना शुरु कर दिया है। आयकर विभाग ने नोटबंदी के बाद कालेधन के खिलाफ सबसे ब़डी कार्रवाई करते हुए अकेले राजस्थान से पहली बार पांच सौ से ज्यादा टेक्स चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आयकर विभाग ने आर्थिक अपराध न्यायालय के जरिए इन सभी टेक्स चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल की सलाखों के पीछे भेजने की कवायद भी शुरु कर दी है।र्े्रु्रु’’ फ्ष्ठ ःद्भय्ख्रय् द्बरु·र्ैंख्रद्बष्ठ ख्रज्श्चराजस्थान आयकर इन्वेस्टिगेशन विंग ने पिछले कई वर्षों से आयकर रिटर्न जमा नहीं कराने वाले लोगों की फेरहिस्त तैयार की है। वित्त वर्ष २०१५-१६ में आयकर विभाग ने कुल ५० लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है, वहीं वित्त वर्ष २०१६-१७ में वित्त वर्ष २०१५-१६ की तुलना में आयकर विभाग ने ८०० फीसदी ज्यादा व्यक्ति एवं संस्थाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है। पिछले वित्त वर्ष में प्रदेशभर में करीब ७७ मामलों में आयकर विभाग ने आयकर रिटर्न जमा नहीं कराने वाले, बकाया आयकर का भुगतान नहीं करने वाले ४१३ व्यक्ति एवं संस्थाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है। विभाग ने काले कारोबार से काली कमाई जमा करने के बावजूद कई वर्षों से आयकर रिटर्न नहीं भरने वाले ४०७ लोगों एवं संस्थाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया गया है, वहीं आयकर इन्वेस्टिगेशन विंग ने वित्त वर्ष २०१६-१७ में बकाया आयकर का भुगतान नहीं करने वाले ६ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है। वित्त वर्ष २०१७-१८ के पहले तीन महीनों में आयकर विभाग ने ७० लोगों एवं संस्थाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है, इनमें से ६९ व्यक्ति एवं संस्था ऐसी हैं जिनके पास ब़डे पैमाने पर कालाधन सामने आया लेकिन इन्होंने आयकर रिटर्न ही नहीं भरा, जबकि चालू वित्त वर्ष में एक व्यक्ति के खिलाफ बकाया आयकर जमा नहीं कराने के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है.हो सकती है ७ साल तक की जेलआयकर अधिनियन की धारा २७६ सीसी(१), २७६ सीसी(२) और धारा २७८ बी में भारी भरकम आर्थिक दंड के साथ सात साल की कठोर सजा का प्रावधान है. आयकर विभाग ने आर्थिक अपराध न्यायालय में सभी आरोपियों के खिलाफ मय दस्तावेज शिकायत पेश कर दी है. अब आर्थिक अपराध न्यायालय ने इन आरोपियों को जेल की सलाखों के पीछे भेजने के लिए मुकदमे दर्ज करने की पहल शुरु कर दी है.