किसान आंदोलन से सुलग रहे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री उपवास पर

भोपाल के भेल दशहरा मैदान पर शांति बहाली के लिए अनिश्चितकालीन उपवास शुरू कर दिया

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भोपाल। पिछले १० दिन से मध्यप्रदेश में चल रहे किसान आंदोलन के बीच एक दिन की पूर्व घोषणा के बाद शनिवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राजधानी भोपाल के भेल दशहरा मैदान पर शांति बहाली के लिए अनिश्चितकालीन उपवास शुरू कर दिया। उन्होंने उपवास का औचित्य बताते हुए स्पष्ट किया कि यह पूरे प्रदेश में शांति बहाली के लिए किया गया है और यह धरना-प्रदर्शन या आंदोलन कतई नहीं है। उन्होंने कहा कि वे यहीं से पूरे सरकारी कामकाज निपटाएंगे और किसानों के प्रतिनिधियों से चर्चा भी करेंगे।राज्य में हाल ही में किसान आंदोलन के दौरान हुई हिंसक घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ मुट्ठी भर लोगों ने इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया है। वे शांति बहाली होने पर ही यहां से उठेंगे और इस दौरान राजधर्म का पालन भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आंदोलन चला, पहले दिन से चर्चा की बात कर रहे हैं, आंदोलन तब जायज है, जब कोई बात न करे, लेकिन मैं (मुख्यमंत्री शिवराज) तो शुरु से ही बात कर रहा हूं। उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर कहा, माहौल बनाया गया, अफवाहें फैलाई गईं, किसानों को भ़डकाने का काम किया गया और इसी बीच मेरा एक वीडियो भी वायरल किया गया जिसमें मैं यह कहते हुए दिखाई दे रहा हूं कि मैं किसानों को एक धेला भी नहीं दूंगा, जबकि एक चैनल ने बता दिया कि यह पुराना वीडियो है जो एक पुराने आंदोलन के दौरान का था। टीवी के माध्यम से सच्चाई सामने आई कि यह इस आंदोलन के संदर्भ में नहीं था, यह कर्मचारियों से जु़डा था। किसानों के लिए तो मैं अपनी जान भी दे सकता हूं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि इस शांत प्रदेश को अशांत बनाने की कोशिश की गई, बच्चों के हाथों में पत्थर दे दिए गए, महिलाएं और बच्चे चीख रहे थे, पर बसों से लोगों को उतार कर वाहनों में आग लगा दी गई, वाहनों को जबदस्ती रोक-रोक कर दूध और सब्जियां फेंकी गईं, वह भी दूसरों की, अपनी नहीं, एंबुलेंस और बसें जला दी गईं, कौन जायज ठहरायगा ऐसे आंदोलन को। सभ्य समाज में क्या यह स्वीकार किया जा सकता है, मैं यह सब सहन नहीं कर सकता था।