नई दिल्ली। केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट ने बुधवार को हुई अपनी बैठक में केंद्रीय कर्मचारियों के भत्तों में बदलाव को मंजूरी दे दी। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पत्रकारों को बताया कि केंद्रीय कर्मचारियों के भत्तों पर सातवें वेतन आयोग के सुझाव मंजूर कर लिए गए हैं। इससे सरकारी खजाने पर कुल ३०,७४८.२३ करो़ड का भार प़डेगा। ये सिफारिशें एक जुलाई २०१७ से लागू होंगी। मीडिया में आ रही कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका दौरे पर जाने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अरुण जेटली से मुलाकात भी की थी और उन्होंने संकेत भी दिए थे कि अब अलाउंसेस के मामले को और ज्यादा नहीं लटकाया जाएगा। गौरतलब है कि सातवें वेतन आयोग के लिए अलाउंसेस पर होने वाला निर्णय ४७ लाख गवर्नमेंट एम्प्लाइज को प्रभावित करेगा। वित्त मंत्री ने बताया कि सेना के लिए जो शांति इलाके में हैं, उन्हें राशन की राशि नकद में दी जाएगी। सियाचिन भत्ता जो उच्चतर है, ३१,५०० के स्थान पर ४२,५०० रुपए दिया जाएगा। इसके साथ ही तकनीकी भत्ते में पुर्नगठन किया गया है। स्पेशल फोर्स के भत्ते भी ब़ढाए गए हैं। पेशनरों के ५०० रुपए के चिकित्सा भत्ते को दोगुना यानि १,००० रुपए किया गया है।मकान किराये भत्ते को लेकर एक्स वाई जेड श्रेणी के शहरों के बारे में आयोग ने बेसिक वेतन के हिसाब से २४ फीसदी, १६ और ८ फीसदी की सिफारिश की थी। जब महंगाई भत्ता २५ फीसदी तक पहुंचेगा तो यह २७, १८ और ९ फीसदी हो जाएगा। जब महंगाई भत्ता ५० फीसदी होगा तो यह दर ३०, २० और १० फीसदी हो जाएगी और निम्न श्रेणी के कर्मचारियों के लिए इस प्रतिशत के अलावा एक अलग श्रेणी भी तय होगी जो न्यूनतम एचआरए तय करेगा- यह श्रेणी है- ५,४००, ३,६०० और १,८०० रुपए (यह न्यूनतम होगा)। इसके बाद जो प्रतिशत ज्यादा बनाता है तो ज्यादा भत्ता होगा।

47 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को फायदासरकारी खजाने पर 30,748.23 करोड़ का पड़ेगा भार