बेंगलूरु। देश की आबादी में युवाओं की ब़डी संख्या से होने वाले लाभ का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने बुधवार को कहा कि अगर इस युवा शक्ति को कौशल सम्पन्न नहीं बनाया गया, तो यही फायदा बोझ बन सकता है । भारतीय विज्ञान संस्थान के वार्षिक दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए प्रणब मुखर्जी ने कहा कि वर्ष २०२० तक अमेरिका के लोगों की औसत आयु ४६ वर्ष हो जाएगी, यूरोप के लोगों की औसत आयु ४२ वर्ष, जापान के लोगों की ४८ वर्ष और भारत के लोगों की औसत आयु २७ वर्ष हो जाएगी। ऐसे में नौकरी के बाजार पर कब्जा करने का हमारे पास बहुत ब़डा अवसर है ।उन्होंने कहा कि हमारे लिए इस आबादी के ब़डे फायदे हैं लेकिन मुझे भय है कि अगर हमने इस पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया, तब यही फायदा बोझ बन सकता है। प्रणब ने कहा कि हमारे नेताओं को, प्रशासकों को इस बारे में सोचना होगा। इस संदर्भ में मैं सरकार की स्किल इंडिया पहल का पूरा समर्थन करता हूं जिसमें वर्ष २०३० तक ५० करो़ड लोगों को कौशल प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि भारत में शिक्षा क्षेत्र में पिछले दो दशकों में काफी विस्तार हुआ है। २००६-०७ से २०१४-१५ के दौरान विश्वविद्यालयों की संख्या दो गुना ब़ढ कर ७६० हो गई है। कालेजों की संख्या ८० प्रतिशत ब़ढी है लेकिन संसाधनों की कमी और गुणवाापूर्ण शिक्षकों की उपलब्धता चुनौती बनी हुई है।