दार्जिलिंग। पृथक गोरखालैंड की मांग को लेकर पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में आंदोलनरत गोरखा कार्यकर्ताओं ने वर्ष २०११ में हस्ताक्षरित गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन (जीटीए) की प्रतियां जलाई और राज्य सरकार के साथ किसी प्रकार के जु़डाव को खारिज करते हुए कहा कि अब इस आंदोलन को और तेज किया जाएगा। मंगलवार को एक तरफ जहां अर्द्ध-सैनिक बल और पुलिस के जवान स़डकों पर दोनों ओर तैनात थे, वहीं हजारों गोरखा समर्थक चौरास्ता के समीप एकत्र हुए और त्रिपक्षीय जीटीए समझौते की प्रतियों को आग लगा दी। इस मौके पर गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के सहायक सचिव विनय तमांग ने जीटीए समझौते की प्रतियां जलाए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा, हमने अर्द्ध-स्वायत्तशासी संघ का अंतिम संस्कार कर दिया और पश्चिम बंगाल के साथ संबंध तो़ड दिया है तथा जीटीए चुनाव उम्मीदवार अपने जोखिम पर ल़डेंगे। तमांग ने कहा, हम भविष्य में जीटीए चुनाव में हिस्सा नहीं लेंगे क्योंकि अब हम अलग राज्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं। जीजेएम की युवा इकाई के नेता प्रकाश गुरुंग द्वारा सोमवार को पृथक राज्य मांग को लेकर आत्मदाह की धमकी दिए जाने के बाद सुरक्षा कर्मी आंदोलनकारियों की हर गतिविधियों पर निगरानी रखे हुए हैं।