• मुजफ्फरगनर रेल हादसे के गेटमैन का आया ऑडियो
  • ऑडियो में खुलासा दो दिन से टूटी हुई थी रेल पटरी

मुजफ्फरनगर। शनिवार देर रात को हुए रेल हादसे के बाद रविवार को इस मामले में एक नया खुलाया हुआ। इसमें एक गेटमैन का एक ऑडियो सामने आया हैं जिसने इस घटना में एक नया मोड़ ला दिया है। ऑडियों में बताया गया कि खतौली गांव में जहां यह रेल हादसा हुआ है वहां पटरी कटी हुई थी जिसे जोड़ा नहीं गया। इसी कारण से यह हादसा हुआ और कई लोगों की मौत हो गई। ऑडियो के खुलासे के बाद यह तो साफ हो जाता है कि खतौली गांव में हुआ रेल हादसे के लिए रेल विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही है।

ऑडियो में गेटमैन ने बताया कि शनिवार रात को हुए हादसे के दो दिन पहले भी ऐसी ही स्थिति बन गई थी। उसने बताया कि घटनास्थल से 2 किमी की दूरी पर एक टूटी हुई पटरी पाई गई थी। इसके बाद भी उस तरफ कोई नहीं गया। उस लाइन के दो स्लीपर भी टूटे हुए थे। इसके बाद भी वहां से ट्रेनों को आवागमन जारी रहा। अच्छी बात तो यह रही कि ट्रेन निकलने के बाद कोई हादसा नहीं हुआ। गेटमैन ने बताया कि इस मामले में जेई को दिल्ली बुलाया गया है।

खतौली के स्टेशन मास्टर राजेंद्र सिंह

वहीं दूसरी और खतौली के स्टेशन मास्टर राजेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें ऐसी किसी भी प्रकार की कोई सूचना नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि इंजीनियरों ने कोई सूचना मुहैया नहीं कराई। सिंह ने कहा कि इस मामले की रिपोर्ट रेलव सुरक्षा कमिश्नर को सौंप दी गई है। साथ ही जीआरपी ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है और हादसे की जांच शुरू करने के आदेश दे दिए गए हैं।

ज्ञात हो कि शनिवार रात को हुए उप्र के खतौली रेलवे स्टेशन के पास पुरी से हरिद्वार जा रही कलिंग-उत्कल एक्सप्रेस के डिब्बे पटरी से उतर गए थे। हादसे में 24 लोगों की मौत हो गई थी और करीब 160 से अधिक लोग घायल हो गए थे। कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि जहां यह हादसा हुआ है वहां मरम्मत का काम चल रहा था। काम चालू होने के बाद भी वहां से ट्रेन को निकलने दिया गया। इतना ही नहीं जीआरपी ने मौके से कुछ औजार भी जब्त किए हैं।

शुरुआती जांच में पता चला है कि जिस ट्रैक से ट्रेन को गुजरना था वहां काम चल रहा था। ट्रेन को धीमी गति से निकलने के आदेश भी दिए गए थे। इसके बाद भी सिग्नल की गड़बड़ी होने से ड्राइवर को कॉशन की सूचना नहीं मिली। उस समय ट्रेन 100 किमी से ज्यादा की रफ्तार से दौड़ रही थी, इसी वजह से पटरी उखड़ गई। इसके चलते यह हादसा हुआ।

एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि शाम करीब छह बजे उन्होंने बम के धमाके जैसी आवाज सुनी। इसके बाद उसने ट्रेक की ओर देखा तो ट्रेन के कुछ डिब्बे हवा में उड़ रहे थे और फिर आकर एक-दूसरे के ऊपर गिर गए। इनमें से कुछ घरों पर तो कुछ साइड में बने एक स्कूल में घुस गए।