नई दिल्ली। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर में शांति के स्थायी प्रयासों को फलीभूत करने की रणनीति में स्थानीय लोगों की अग्रणी भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि हम कश्मीरियों के हाथ में पत्थर नहीं बल्कि कुदरत ने उनके हाथों में जो हुनर दिया है उसे देश और राज्य के विकास में लगते देखना चाहते हैं। सिंह ने मोदी सरकार के तीन साल के कार्यकाल में गृह मंत्रालय की उपलब्धियों का शनिवार को लेखाजोखा पेश करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि इसके मद्देनजर ही कश्मीर के बेहतर भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए राज्य की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बहाल करने में स्थानीय लोगों की भागीदारी ब़ढाने के मकसद से वहां भर्ती अभियान और अन्य रोजगारपरक कार्यक्रम शुरू किए गए हैं।गृह मंत्री सिंह ने कहा कि मोदी सरकार जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद को ज़ड से उखा़ड कर समस्या का स्थायी समाधान निकालेगी और इसके लिए वहां विभिन्न पक्षों से बातचीत का रास्ता भी अपनाया जाएगा। सिंह ने कहा कि सरकार कश्मीर में आतंकवाद को ’’राजनीतिक’’ या ’’सैन्य’’ समस्या नहीं बल्कि एक ’’समस्या’’ के रूप में देखती है और इसका स्थायी समाधान निकालने की रणनीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा, लोगों को इसे टुक़डों में देखने की आदत लगी हुई है। मोदी सरकार इसके समाधान के लिए एकीकृत रूख अपनाएगी जिसमें सैन्य और राजनीतिक दोनों का सामंजस्य होगा।