नई दिल्ली। दूरसंचार सेवाप्रदाताओं के संगठन सेल्यूलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) ने दूरसंचार सेवाओं पर माल एवं सेवाकर (जीएसटी) की दर १८ प्रतिशत को अपरिवर्तित रखे जाने पर निराशा जताई है। सीओएआई सरकार पर दूरसंचार सेवाओं के लिए जीएसटी दर को कम करने के लिए दबाव डाल रहा था। वह इसे आवश्यक सेवा के तहत पांच प्रतिशत जीएसटी दर के दायरे में लाने का इच्छुक है। सीओएआई के सदस्यों में भारती एयरटेल, वोडाफोन इंडिया, आइडिया सेल्यूलर और रिलायंस जियो शामिल हैं। ऋण के बोझ तले दबे दूरसंचार उद्योग का तर्क है कि हमें साधन पर पर लगे कर के बदले मिलने वाले लाभ से हमारे उत्पाद पर लगे ऊंचे कर की क्षतिपूर्ति नहीं होती। इससे दूरसंचार सेवाएं ग्राहकों के लिए महंगी हो जाएंगी। वर्तमान में कर और उपकर मिलाकर दूरसंचार सेवाओं के बिल पर ग्राहकों को १५ प्रतिशत कर देना होता है। सीओएआई के महानिदेशक राजन एस. मैथ्यू ने कहा कि दूरसंचार सेवाओं पर जीएसटी दर कम नहीं किए जाने से हम निराश हैं। यह एक आवश्यक सेवा है। इससे ग्राहकों पर बोझ ब़ढेगा।

सस्ती मिलेंगी फिल्मों की टिकट, अचार और काजू खाना भी सस्ता

नई दिल्ली। माल एवं सेवा कर (जीएसटी) पर केंद्र तथा राज्यों के अधिकार प्राप्त मंच ने ६६ तरह की वस्तुओं और मदों पर पहले निर्धारित कर की दरों में रविवार को संशोधन कर उन्हें कम रखने का निर्णय किया। इन मदों में अचार, मुरब्बा और मस्टर्ड सॉस जैसे खाने के उत्पाद तथा १०० रुपए मूल्य तक के सिनेमा टिकट शामिल हैं। हाइब्रिड कारों पर जीएसटी दर की समीक्षा के मुद्दे पर पूर्व में जारी विस्तृत पत्र पर राज्यों की टिप्पणी पर विचार करने के बाद निर्णय किया जाएगा। जीएसटी परिषद की १६वीं बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा, जीएसटी परिषद को १३३ जिंसों के लिए अनुरोध मिला था। इसमें से ६६ जिंसों पर कर की दरें कम कर दी गई हैं। जीएसटी परिषद के निर्णय के अनुसार सौ रुपए या उससे कम के सिनेमा टिकट पर २८ प्रतिशत के बजाए १८ प्रतिशत जीएसटी लगेगा। इससे ऊपर के मूल्य के पर कर की दर पहले के निर्णय के अनुसार २८ प्रतिशत बनी रहेगी।अचार, मस्टर्ड सॉस तथा मुरब्बा जैसे खाद्य वस्तुओं पर १२ प्रतिशत जीएसटी लगेगा जबकि पहले इस पर १८ प्रतिशत कर लगाने का प्रस्ताव था। साथ ही काजू पर जीएसटी को १२ प्रतिशत से कम कर ५ प्रतिशत कर दिया गया है। यह भी निर्णय किया कि ७५ लाख रुपए तक के कारोबार वाले व्यापारी, विनिर्माता और रेस्तरां मालिक एक कंपोजीशन (एकमुश्त) योजना का विकल्प चुन सकते हैं और क्रमश: एक प्रतिशत, दो प्रतिशत तथा पांच प्रतिशत की दर से कर का भुगतान कर सकते हैं। परिषद ने बच्चों की चित्रकला की किताबों पर शून्य जीएसटी लगाने का प्रस्ताव किया जबकि पूर्व में इसपर १२ प्रतिशत की दर से शुल्क लगाने की बात कही गई थी। कंप्यूटर प्रिंटर पर २८ प्रतिशत के बजाए १८ प्रतिशत जीएसटी लगाने का प्रस्ताव किया गया। इंसुलिन और अगरबत्ती पर जीएसटी कम कर ५ प्रतिशत कर दिया गया है जबकि स्कूल बैग पर १८ प्रतिशत शुल्क लगेगा। काजल पर २८ प्रतिशत के बजाए १८ प्रतिशत कर लगाने का प्रस्ताव किया गया है। परिषद की अगली बैठक १८ जून को होगी। उसमें लॉटरी कर तथा ई-वे बिल पर विचार किया जाएगा।

जीएसटी परिषद की १६वीं बैठक के बाद जेटली ने संवाददाताओं से कहा कि १३३ वस्तुओं की जीएसटी दर को लेकर ज्ञापन मिले थे। जीएसटी परिषद ने ६६ वस्तुओं की जीएसटी दर में कमी कर दी है। सेनेटरी नैपकिन पर जीएसटी दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पिछली दो बैठकों में वस्तुओं एवं सेवाओं के लिए जीएसटी दरें तय की गई थी। इसके बाद उद्योग एवं कारोबारी संगठनों ने कुछ वस्तुओं की जीएसटी दर का विरोध करते हुए ज्ञापन सौंपे थे।