ई दिल्ली। मोदी सरकार के तीसरे फेरबदल में जहां उम्मीद के अनुरूप अरुण जेटली का बोझ कम हुआ है, वहीं स़डक परिवहन एवं राजमार्ग और जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी को एक और मंत्रालय देकर उनकी जिम्मेदारी ब़ढा दी गई है।जेटली के पास पहले से ही वित्त और कॉर्पोरेट मामलों जैसे महत्त्वपूर्ण मंत्रालय थे। मनोहर पर्रिकर के इस वर्ष मार्च में गोवा का मुख्यमंत्री बनने के बाद रक्षा जैसे एक और महत्त्वपूर्ण मंत्रालय का जिम्मेदारी उन्हें दे दी गई थी। रविवार को हुए फेरबदल में रक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी निर्मला सीतारमण को सौंप दी गई है। इससे जेटली को वित्त मंत्रालय के कामकाज तथा वित्तीय नीतियों को आगे ब़ढाने पर ध्यान केंद्रित करने में आसानी होगी। गडकरी के पास पहले से ही दो मंत्रालय स़डक परिवहन एवं राजमार्ग और जहाजरानी थे। रविवार के फेरबदल में जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय उमा भारती से लेकर उन्हें सौंप दिया गया है। इस प्रकार अब उनके पास तीन मंत्रालय हो गए हैं। गडकरी की ही तरह डॉ. हर्षवर्द्धन के पास अब तीन मंत्रालय हो गए हैं। उनके पास विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की जिम्मेदारी पहले से थी। अनिल माधव दवे के असामयिक निधन के बाद उन्हें पर्यावरण, वन एवं जलवायु मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था और उम्मीद की जा रही थी कि इस फेरबदल में उनका बोझ भी कम किया जाएगा। लेकिन, अब वह इन तीनों मंत्रालयों का काम देखेंगे।कप़डा मंत्री स्मृति ईरानी को वेंकैया नायडू के उपराष्ट्रपति बनने के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था। अब यह मंत्रालय भी पूरी तरह से उन्हें सौंप दिया गया है। नरेंद्र सिंह तोमर के पास फेरबदल से पहले पांच मंत्रालयों का प्रभार था जिसे कम करके तीन किया गया है। पंचायती राज और ग्रामीण विकास मंत्रालय उनके पास पूर्ववत हैं तथा अब उन्हें खान मंत्रालय सौंपा गया है। उनसे पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय लेकर भारती को, आवास एवं शहरी गरीबी उन्मूलन तथा शहरी विकास मंत्रालय लेकर श्री हरदीप सिंह पुरी को दे दिया गया है।