नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ३ से ५ सितंबर के दौरान ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए चीन के शियामेन की यात्रा पर जाएंगे। विदेश मंत्रालय ने इस आशय की जानकारी दी। ब्रिक्स सम्मेलन में मोदी के हिस्सा लेने जाने की घोषणा ऐसे समय में हुई है जब एक दिन पहले ही डोकलाम के मुद्दे पर भारत और चीन के बीच ७३ दिनों से जारी गतिरोध खत्म हो गया था और दोनों देशों ने अपने सैनिक हटा लिए थे।बीजिंग। चीन और भारत के सैनिकों के बीच ७३ दिनों तक चले गतिरोध के खत्म होने के एक दिन मंगलवार को चीन डोकलाम में स़डक निर्माण रोकने के मुद्दे पर प्रतिबद्धता नहीं जताने की स्थिति को बरकरार रखा। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा, सीमाओं की रक्षा की जरूरतों को पूरा करने और हालात में सुधार करने के क्रम में चीन स़डक निर्माण सहित बुनियादी ढांचे के विकास में लंबे समय से लगा रहा है। भारत और चीन के बीच डोकलाम में चल रहा गतिरोध उस वक्त खत्म हो गया जब दोनों देशों के अपने सैनिक वापस बुला लिए। इस घटनाक्रम इस संदर्भ में खासी अहमियत है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुछ दिनों बाद चीन में होने वाली ब्रिक्स शिखर बैठक में शामिल होने जा रहे हैं।यह पूछे जाने पर क्या चीन इलाके में स़डक निर्माण जारी रखेगा तो हुआ ने कहा, हम जमीनी स्थिति के अनुसार संबंधित निर्माण योजना तैयार करने के लिए मौसम सहित सभी वाजिब कारकों को संज्ञान में रखेंगे। उन्होंने इस बात को दोहराया कि चीनी सीमा सुरक्षा बलों की डोकलाम इलाके में तैनाती और गश्ती जारी रहेगी। हम ऐतिहासिक समझौते के अनुसार अपनी संप्रभुता को बनाए रखना जारी रखेंगे। वह इस सवाल को टाल गईं कि क्या चीन भूटान के साथ विचार-विमर्श कर रहा है? गौरतलब है कि डोकलाम इलाके में चीनी सैनिकों द्वारा स़डक निर्माण को भूटान ने विरोध किया था। हुआ ने कहा, फिलहाल हमने भारतीय सैनिकों के अवैध प्रवेश के मुद्दे को हल कर लिया गया है। जब यह पूछा गया कि क्या चीन ने ब्रिक्स शिखर बैठक को ध्यान में रखते हुए डोकलाम में स़डक निर्माण रोक दिया है, तो प्रवक्ता ने कहा, राजनयिक माध्यमों से मुद्दे के शांतिपूर्ण समाधान से सभी संबंधित पक्षों के साझा हितों की पूर्ति होती है।