तीन तलाक पर निदा खान को मिली राहत

360
Nida Khan
Nida Khan

तीन तलाक और हलाला प्रथा से लड़ने वाली निदा को मिला न्यायालय का साथ, शौहर पर चलेगा घरेलू हिंसा का मुकदमा

बरेली। तीन तलाक और हलाला प्रथा से पीड़ित महिलाओं के लिए संघर्ष करने वाली निदा खान को न्यायालय में बड़ी सफलता मिली है। यहां की एक अदालत ने मंगलवार को अपने फैसले में उस तीन तलाक को अमान्य करार दिया है जो निदा को उनके शौहर ने दिया था। न्यायालय ने निदा के शौहर शीरान रजा खां पर सख्ती दिखाते हुए कहा है कि उसके खिलाफ घरेलू हिंसा का मुकदमा जारी रहेगा।

गौरतलब है कि इन दिनों मुस्लिम समाज से जुड़ी एक विवादास्पद रस्म तीन तलाक बहुत विवादों में है। निदा खान भी इससे पीड़ित हैं। वे बरेली के आला हजरत खानदान की बहू हैं। तीन तलाक का विरोध करने के बाद उनके खिलाफ फतवे आने लगे हैं और निदा का संपूर्ण बहिष्कार का ऐलान किया गया है। यही नहीं, उन्हें इस्लाम से खारिज कर दिया गया है।

निदा ने अपने शौहर के खिलाफ घरेलू हिंसा का केस किया था। इस पर शीरान ने कहा कि वह निदा को तलाक देने के बाद खर्चे की राशि दे चुका है। शीरान का तर्क था कि उसके खिलाफ घरेलू हिंसा का मामला जायज नहीं है। इसके बाद एसीजेएम प्रथम न्यायालय में शीरान की याचिका खारिज हो गई। साथ ही न्यायालय ने निदा को दिए गए तीन तलाक को अमान्य करार दे दिया।

इसका मतलब है कि अब शीरान को घरेलू हिंसा मामले का सामना करना होगा। उधर निदा भी घोषणा कर चुकी हैं कि वे आला हजरत के फतवे को उच्चतम न्यायालय में लेकर जाएंगी। उन्होंने देश के कानून पर भरोसा जताते हुए कहा कि भारत में लोकतंत्र है, यहां कानून का शासन चलेगा।

निदा उन मुस्लिम महिलाओं की मदद के लिए एक एनजीओ का संचालन करती हैं जो तीन तलाक, हलाला प्रथा से पीड़ित हैं। निदा के खिलाफ फतवा देने वाले धर्मगुरुओं ने कहा है कि अगर वे बीमार होती हैं तो किसी को उनसे मुलाकात नहीं करनी चाहिए। यही नहीं, अगर निदा का देहांत हो जाता है, तब न तो उनके लिए अंतिम संस्कार से जुड़ी प्रार्थना कराई जाएगी और न ही कब्र में दफनाया जाएगा।

तीन तलाक को लेकर टीवी चैनलों पर काफी बहस हो रही है। मंगलवार को ही एक चैनल पर लाइव डिबेट के दौरान मौलाना और एक मुस्लिम महिला वकील के बीच मारपीट हो गई। महिलाएं इस रस्म को खत्म कराना चाहती हैं। वहीं कुछ मौलाना इसे जारी रखने के पक्ष में हैं।

ये भी पढ़िए:
करोड़ों की संपत्ति कमाने के बावजूद बेघर हुए 86 वर्षीय मदनलाल गोटावत
तीन तलाक पर लाइव बहस के दौरान मौलाना और महिला वकील में मारपीट
26/11 जैसे एक और हमले की फिराक में पाकिस्तान, जैश के आतंकी ले रहे प्रशिक्षण