नई दिल्ली। विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्यों के लिए दिए जाने वाले शीर्ष नागरिक सम्मान पद्म पुरस्कार के लिए कोई भी व्यक्ति किसी के भी नाम की अनुशंसा कर सकेगा। गृह मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी बयान में यह जानकारी देते हुए बताया गया है कि वर्ष २०१८ के लिए दिए जाने वाले पद्म पुरस्कार के आवेदन की समय सीमा १५ सितंबर है। सरकार द्वारा समाज के ऐसे अनसुने लोगों को पद्म पुरस्कारों से नवाजने की योजना है जिनके श्रेष्ठ कामों की पहचान क्षेत्र विशेष तक सीमित है। गृह मंत्रालय द्वारा पद्म पुरस्कारों के नामांकन और अनुमोदन के लिए विशेष रूप से तैयार वेबसाइट पर ऑनलाइन अनुशंसा करना अनिवार्य है। कला, साहित्य, शिक्षा, खेल, चिकित्सा, समाज कार्य, विज्ञान और इंजीनियरिंग, लोकसेवा और उद्योग एवं व्यापार के क्षेत्र में विशेष योगदान और उपलब्धियों के लिए पद्म पुरस्कार दिया जाता है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए कोई भी व्यक्ति किसी के भी नाम की अनुशंसा कर सकता है। इसका मकसद लोगों को समाज में कार्यरत गुमनाम हीरो का नाम आगे ब़ढाने के लिए प्रोत्साहित करना है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी कहा था कि अतीत में यह प्रतिष्ठित पुरस्कार मंत्रियों और राजनेताओं की सिफारिश पर दिए जाते थे लेकिन अब उनकी सरकार ने किसी को भी किसी के नाम का अनुमोदन करने का रास्ता खोल दिया है। मोदी ने नीति आयोग के एक कार्यक्रम में कहा कि ऐसे कई गुमनाम हीरो हैं जिन्होंने समाज के विभिन्न क्षेत्रों में ऐसे अनेक उल्लेखनीय कार्य किए है जो राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान पाने के हकदार हैं।तीन श्रेणियों वाले पद्म पुरस्कारों (पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री) की हर साल गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर घोषणा की जाती है। इसके लिए प्रधानमंत्री द्वारा गठित पद्म पुरस्कार चयन समिति के समक्ष राज्य सरकारों, भारत सरकार के मंत्रालय और विभाग, भारत रत्न और पद्म विभूषण विजेता, केन्द्र और राज्यों के मंत्री, मुख्यमंत्री, राज्यपाल और संसद सदस्य भी अनुशंसा कर सकते हैं।