नई दिल्ली। उत्तर गुजरात में लगातार बारिश के चलते बाढ़ आने से आम जान जीवन अस्त व्यस्त हो गया है । बनासकांठा, पाटन और साबरकांठा जिलों के 12 तालुकों में एक दिन में 200 एमएम से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है। राज्य सरकार ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। अब तक 75 से ज्यादा लोगों के मरने की पुष्टि की जा चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हालात का जायजा लेने के लिए मंगलवार को अहमदाबाद पहुंचे और यहां अफसरों और मंत्रियों के साथ बैठक की। इसके बाद उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। बाद में उन्होंने गुजरात को 500 करोड़ रुपए की मदद देने का एलान किया। बचाव कार्य में जुटीं थल सेना , वायु सेना और एनडीआरएफ की टीमों ने 25 हजार लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया है। हालांकि, बनासकांठा के कई गांवों में अभी भी करीब 1000 लोग फंसे हुए हैं। राज्य में 900 जानवर भी मारे गए हैं। इसके अलावा राजस्थान के 3 जिलों और महाराष्ट्र में भी कुछ जगहों पर बाढ़ के चलते हालात गंभीर हैं। नरेंद्र मोदी ने कहा- “विजय रूपाणी जी की सरकार ने इस मुश्किल हालात में बड़ी समझदारी और अच्छे तरीके से काम किया। गुजरात की सरकार ने बड़ी तेजी से काम किया है।” “राज्य सरकार ने इस बाढ में मारे गए लोगों के परिवारों की सहायता की, ऐसे परिवारों को प्रधानमंत्री राहत कोष से 2 लाख रुपए और दिए जाएंगे, घायलों को 50 हजार रुपए दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य को 500 करोड़ रुपए की मदद तुरंत दी जाएगी। सर्वे के बाद और जो आवश्यकताएं हैं, उन्हें भी सरकार पूरा करेगी। मुझे यकीन है कि गुजरात विकास की यात्रा में कहीं नहीं रुकेगा और प्राकृतिक आपदाओं के आगे रुकेगा नहीं। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस संकट की घड़ी में गुजरात के लोग और सरकार हालात को सामान्य बनाने में तेज गति से काम करेंगे। गुजरात के कोने-कोने से सामाजिक संस्थाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई है। मैंने बाढ़ के चलते गुजरात में बने हालात का जायजा लिया है। केंद्र के अधिकारी लगातार राज्य सरकार को मदद करेंगे। अगर आगे और ज्यादा बारिश होती है तो उसके बावजूद राहत कार्यों में तेजी लाई जाएगी।” इससे पहले मोदी ने गुजरात के सीएम विजय रुपाणी के साथ बानसकांठा और पाटन जिलों का हवाई सर्वे किया। उल्लेखनीय है कि गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने मंगलवार सुबह संसद भवन में नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर उन्हें राज्य के कुछ भागों में लगातार हो रही बारिश और बाढ़ से पैदा हुई स्थिति की जानकारी दी थी , जिसके बाद मोदी ने हवाई सर्वे का फैसला लिया। बनासकांठा के धानेरा, दीसा और थराड शहरों में हालात ज्यादा गंभीर हैं। धानेरा तो करीब-करीब डूब ही गया है। बनासकांठा जिले में सुबह करीब 400 लोगों को बचाया गया। यहां से करीब 10300 और पाटन जिले से 9790 लोगों को दूसरी जगह स्थानांतरित किया गया है। अहमदाबाद में भी पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है, लिहाजा एहतियात के तौर पर वहां से भी 2800 लोगों को स्थानांतरित किया गया है। दांतीवाड़ा, सुखभादर और सिपू बांध के सभी गेट खोल दिए गए हैं।धानेरा शहर में रेल नदी का पानी घुस जाने से मार्केट यार्ड और बस स्टेशन समेत ज्यादातर जगहें डूब गई हैं। कई जगहों पर छह से सात फुट तक पानी भर गया है। मार्केट यार्ड में पानी भर जाने से करोड़ों रुपए के नुकसान की आशंका हैं। जिले में सभी स्कूल कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। में 10 जगहों पर आर्मी, एयरफोर्स, बीएसएफ और एनडीआरएफ की टीमें राहत और बचाव के काम में जुटी हैं। सैकड़ों लोग अभी भी अलग-अलग जगहों पर फंसे हुए हैं। 100 गांवों का संपर्क कट गया है। 19 राज्य हाईवे समेत 121 रूटों पर गाड़ियों की आवाजाही रोक दी गई है। रेल सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई है।अहमदाबाद शहर में भी कई जगहों पर पानी भर गया है। बनासकांठा और अहमदाबाद में सभी स्कूल कॉलेज बंद कर दिए गए हैं।