पटना। बाढ़ का दंश झेल रहे बिहार के लोगों का हाल जानने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को बिहार पहुंचे। उन्होंने राज्य के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। हवाई सर्वे के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने 500 करोड़ रुपये की तत्काल मदद की घोषणा की। उन्होंने आश्वासन दिया कि राहत और बचाव कार्य के लिए सभी संभव मदद दी जाएगी। इसके अलावा, नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्रीय अधिकारियों की एक टीम भेजी जाएगी। प्रधानमंत्री विशेष विमान से पूर्णिया के चूनापुर एयरपोर्ट पहुंचे। यहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने उनका स्वागत किया। चूनापुर एयरपोर्ट से पीएम मोदी बाढ़ प्रभावित इलाकों का सर्वे करने निकल गए। उनके साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी के अलावा कई अधिकारी भी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री ने सीमांचल क्षेत्र के जिलों का सर्वेक्षण किय। हवाई सर्वेक्षण के बाद पूर्णिया में ही बाढ़ की स्थिति को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा की गई । इस दौरान नीतीश कुमार और सुशील मोदी सहित सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। समीक्षा बैठक में राज्य सरकार ने बाढ़ से हुए नुकसान का पूरा विवरण  प्रधानमंत्री को सौंपा। ज्ञातव्य है कि बिहार  के 19 जिलों के 186 प्रखंडों की 1.61 करोड़ से ज्यादा की आबादी बाढ़ से प्रभावित है। बाढ़ की चपेट में आने से अब तक 418 लोगों की मौत हो चुकी है। कुछ जगहों पर बाढ़ का पानी घटा है, जिससे लोग अपने घर लौट रहे हैं लेकिन इन जगहों पर बीमारी फैलने का डर बना हुआ है। बिहार में राहत शिविरों में कमी की गई है। पहले 624 शिविर बनाए गए थे जो अब घटकर 368 हो गए हैं। इनमें लगभग 1.59 लाख लोग आश्रय ले रहे हैं। यह जानकारी आपदा प्रबंधन विभाग ने दी है। अकेले अररिया जिले में ही बाढ़ के चलते 87 लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा सीतामढ़ी में 43, कटिहार में 40, पश्चिमी चंपारण में 36, पूर्वी चंपारण में 32, मधुबनी में 28, दरभंगा में 26, किशनगंज में 24, माधेपुरा में 22, गोपालगंज में 20, सुपौल में 16 और पूर्णिया में 9 लोगों की मौत हुई है। सहरसा और मुजफ्फरपुर के अलावा अन्य जिलों में भी लोगों की मौत की खबर है। सिवान जिले से बाढ़ के चलते किसी की मौत की सूचना नहीं है।