नई दिल्ली। राष्ट्रपति पद के लिए होने वाले चुनाव में संख्याबल और आंक़डे राजग के प्रत्याशी रामनाथ कोविंद के पक्ष में दिख रहे हैं और उनका राष्ट्रपति बनना लगभग तय माना जा रहा है। बीजद, अन्नाद्रमुक के एक ध़डे, वाईएसआर कांग्रेस और टीआरएस की ओर से राजग उम्मीदवार को समर्थन दिए जाने की घोषणा के बाद से कोविंद के राष्ट्रपति बनने की संभावना प्रबल हो गई है। राष्टपति चुनाव के निर्वाचक मंडल में सभी सांसद और राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली एवं पुडुचेरी विधानसभा के सदस्य शामिल होते हैं। इसका कुल योग १०,९८,९०३ वोट आता है। इसमें प्रत्येक सांसद के वोट का मूल्य ७०८ होता है। विधायकों के वोट का मूल्य उस राज्य की आबादी पर निर्भर करता है जिसका वे प्रतिनिधित्व करते हैं। किसी उम्मीदवार को चुनाव में जीत हासिल करने के लिए ५० प्रतिशत मतों की जरूरत होती है जो ५,४९,४५२ होती है। शिवसेना के साथ राजग के मतों की संख्या ५,३७,६८३ होती है। अगर शिवसेना राजग के उम्मीदवार के खिलाफ वोट देने का निर्णय करती है तो यह संख्या ५,११,७९० होगी। बीजद, अन्नाद्रमुक के एक ध़डे, वाईएसआर कांग्रेस और टीआरएस के भाजपा उम्मीदवार को समर्थन देने पर यह संख्या ८,८३,५७८ हो जाती है जो ५० प्रतिशत से काफी अधिक है।राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद ने मंगलवार को बिहार के राज्यपाल पद से इस्तीफा दे दिया, जिसे राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने स्वीकार कर लिया। राष्ट्रपति भवन की विज्ञप्ति के अनुसार मुखर्जी ने कोविंद का इस्तीफा स्वीकार करने के साथ ही पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी को बिहार के राज्यपाल का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है। त्रिपाठी बिहार का नया राज्यपाल नियुक्त किए जाने तक वहां का अतिरिक्त कार्यभार संभालेंगे। कोविंद को सोमवार को राजग का राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया गया था।