नई दिल्ली। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी और राज्यसभा सांसद मीसा भारती और उनके पति के दिल्ली स्थित तीन फार्महाउसों और उनसे संबंधित एक फर्म पर प्रवर्तन निदेशालय ने धनशोधन के एक मामले की जांच के तहत शनिवार को छापे मारे। केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिकारियों ने यहां घिटोरनी, बिजवासन और सैनिक फार्म क्षेत्रों में छापे मारे। ये फार्महाउस मीसा, उनके पति शैलेश कुमार और मैसर्स मिशाइल प्रिंटर्स एंड पैकर्स प्राइवेट लिमिटेड से संबंधित हैं। प्रवर्तन निदेशालय के एक अधिकारी ने बताया कि दो और परिसर एजेंसी के जांच के दायरे में हैं और इनकी तलाशी बाद में ली जा सकती है। एजेंसी द्वारा की जा रही यह छापेमारी दो भाइयों सुरेंद्र कुमार जैन और वीरेंद्र जैन तथा अन्य लोगों के खिलाफ धनशोधन के एक मामले की जांच से संबंधित है। इन लोगों पर आरोप है कि इन्होंने मुखौटा (शेल) कंपनियों का इस्तेमाल करते हुए कई करो़डों रुपए के काले धन को सफेद में बदला। जैन भाइयों को प्रवर्तन निदेशालय ने धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार भाइयों द्वारा चलाई जा रही कंपनी में से एक फर्म मिशाइल प्रिंटर्स एंड पैकर्स प्राइवेट लिमिटेड भी है। मीसा और उनके पति पहले कथित तौर पर इस फर्म के निदेशक रह चुके हैं।एजेंसी ने बताया कि इन्होंने पाया है कि मिशाइल प्रिंटर्स एंड पैकर्स प्राइवेट लिमिटेड के १,२०,००० शेयर वर्ष २००७-०८ में १०० रुपए प्रति शेयर के हिसाब से चार मुखौटा कंपनियों शालिनी होल्डिंग्स लिमिटेड, एड-फिन कैपिटल सर्विसेज (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड, मणि माला दिल्ली प्रोपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड और डायमंड विनिमय प्राइवेट लिमिटेड ने खरीदा था। एजेंसी ने बताया कि बाद में इन १,२०,००० शेयरों को मीसा ने प्रति शेयर १० रुपए के हिसाब से खरीदा लिया। प्रवर्तन निदेशालय ने मीसा से कथित रूप से संबंधित सीए राजेश अग्रवाल को भी गिरफ्तार किया है। अग्रवाल ने मिशाइल प्रिंटर्स एंड पैकर्स लिमिटेड में ६० लाख रुपए की एकोमोडेशन एंट्री (काले धन से जु़डी) की थीं। मीसा द्वारा शेयर खरीदने से पहले यह फर्म २५, तुगलक रोड पर पंजीकृत थी। वर्ष २००९-१० में इसका पता बदलकर बिजवासन हो गया।