नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने वर्ष २०१० के जामा मस्जिद बम धमाका मामले में आतंकवादी संगठन इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के सदस्य यासीन भटकल और नौ अन्य के खिलाफ इस आधार पर आरोप तय करने के आदेश दिए कि उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं। बहरहाल, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सिद्धार्थ शर्मा ने संगठन के तीन कथित सदस्यों को यह कहते हुए आरोपमुक्त कर दिया कि उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं हैं। अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया भटकल और अन्य आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं। उनके खिलाफ औपचारिक तौर पर आरोप तय करने के लिए २९ अगस्त की तारीख तय की गई है।भटकल के अलावा गौहर अजीज खोमानी, गयूर अहमद जमाली, मोहम्मद आदिल, मोहम्मद इरशाद खान, मोहम्मद आफताब आलम, कमाल, असदुल्ला अख्तर, जिया-उर-रहमान और अजाज शेख के खिलाफ मुकदमा चलेगा। एक अन्य आरोपी मोहम्मद कतील सिद्दीकी की मामला लंबित रहने के दौरान मौत हो चुकी है। अदालत ने सैयद इस्माइल अफाक, अब्दुस सबूर और रियाज अहमद सईदी को इस मामले में आरोपमुक्त कर दिया। पुलिस ने उनके खिलाफ आरोप-पत्र दायर किया था। यह मामला १९ सितंबर २०१० को ऐतिहासिक जामा मस्जिद के पास हुए एक विस्फोट से जु़डा है। इससे ठीक पहले आईएम के दो संदिग्ध सदस्यों ने उस बस पर फायरिंग की थी जिससे मस्जिद के एक गेट के पास विदेशी सैलानी उतर रहे थे।