नई दिल्ली। राष्ट्रपति पद के लिए सत्तारू़ढ राजग के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद और विपक्षी संप्रग की उम्मीदवार मीरा कुमार को छो़ड कर शेष सभी उम्मीदवारों के नामांकन खारिज हो गए हैं। नामांकन पत्रों की जांच के आधार पर चुनाव आयोग द्वारा जारी आंक़डों के मुताबिक, गत १४ जून को नामांकन शुरू होने के बाद नामांकन की बुधवार को अंतिम समयसीमा समाप्त होने तक कुल १०८ नामांकन पत्र दाखिल किए गए। निर्वाचन अधिकारी द्वारा गुरुवार को इनकी जांच के बाद इनमें से सिर्फ दो दावेदारों के नामांकन पत्र पूरी तरह से सही पाए जाने पर स्वीकार किए गए। उम्मीदवारी के शेष दावेदारों के नामांकन पत्रों को तकनीकी खामियों के आधार पर खारिज कर दिया गया। आगामी १७ जुलाई को होने वाले राष्ट्रपति पद के चुनाव में उम्मीदवारों के दावेदारों की लोकसभा सचिवालय द्वारा जारी सूची के मुताबिक, ३५ नामांकन पत्र जमा कराए जाने के साथ ही खारिज कर दिए गए थे। तत्काल खारिज किए गए नामांकन पत्र में से अधिकांश को जमानत राशि जमा नहीं कराए जाने या प्रस्तावक और अनुमोदकों की औपचारिकता पूरी नहीं हो पाने के कारण खारिज किया गया। कोविंद और मीरा कुमार की तरफ से नामांकन पत्रों के चार-चार सेट दाखिल किए गए। साापक्ष और विपक्ष के इन दोनों उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों के सभी सेट सही पाए गए। शेष ९५ दावेदारों द्वारा पेश सौ नामांकन पत्रों को तकनीकी खामियों की वजह से खारिज कर दिया गया। नामांकन पत्र दाखिल करने वालों में तमिलनाडु में सलेम निवासी के पद्मराजन भी शामिल हैं जिन्हें अब तक १०५ चुनावों के लिए नामांकन भरने के कारण ‘इलेक्शन किंग’’ के नाम से भी जाना जाता है। इसके अलावा, बिहार के सारण जिले के निवासी लालू प्रसाद यादव भी राष्ट्रपति पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने के कारण सुर्खियों में रहे। नामांकन पत्रों की जांच के बाद अब राष्ट्रपति पद की दौ़ड में सिर्फ कोविंद और मीरा ही बतौर उम्मीदवार मैदान में हैं। राष्ट्रपति पद के चुनाव के निर्वाचक मंडल में संसद के दोनों सदनों के चुने हुए सदस्यों के अलावा सभी राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य मतदान करते हैं।