मैसूरु। केन्द्रीय ऊर्जा और अक्षय ऊर्जा राज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि केंद्र एक रोड मैप तैयार कर रहा है जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि वर्ष-२०३० तक देश में केवल विद्युत वाहनों (इले्ट्रिरक वाहन) का उत्पादन हो और बेचे जाएं। शुक्रवार को मैसूरु में संवाददाताओं से बात करते हुए गोयल ने कहा कि नीति आयोग इस दिशा में रोड मैप तैयार कर रहा है। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा संयंत्रों और इले्ट्रिरक वाहनों को ब़ढावा देने के लिए एक राष्ट्रीय मिशन के तहत इस दिशा में विभिन्न मंत्रालयों ने अपने इनपुट और विचार दिए, जो विशेषज्ञों द्वारा तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में केंद्र ने नई दिल्ली में मौजूदा डीजल और पेट्रोल संचालित सरकारी वाहनों को समाप्त कर करीब १०,००० इले्ट्रिरक कारों की खरीद करने की योजना बनाई है। हालांकि, उन्होंने इसके लिए किसी भी समय सीमा को निर्दिष्ट नहीं किया। गोयल ने कहा कि ऑटोमोबाइल उद्योग ने इले्ट्रिरक वाहनों के उपयोग के विचार का स्वागत किया और उन्होंने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल वाहनों के बदले इले्ट्रिरक वाहनों के उपयोग से भारत की तेल पर निर्भरता घटेगी। ज्ञातव्य है कि पेट्रोल हम विदेशों से आयात करते हैं। इले्ट्रिरक वाहनों के प्रचालन से रुपए में मजबूती आएगी और मौजूदा चालू वित्तीय घाटा भी समाप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इन सबसे बढकर स्वच्छ हवा प्रदान करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण आयाम होगा जलवायु परिवर्तन की समस्याओं का पूर्ण समाधान होगा। वर्ष-२०३० तक देश में पेट्रोल और डीजल वाहनों को इले्ट्रिरक वाहनों में परिवर्तन करने का भरोसा जताते हुए गोयल ने कहा कि सरकार की योजना पूरे देश में चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना की है और बाद में इसे फ्रेंचाइजी के रूप में विस्तारित किया जाएगा जिससे देश के नए उद्यमियों द्वारा लाखों रोजगार का सृजन किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि इले्ट्रिरक वाहन न सिर्फ लागत में सस्ते हैं बल्कि इनकी परिचालन लागत भी कम है।

गोयल ने कहा कि इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में केंद्र ने नई दिल्ली में मौजूदा डीजल और पेट्रोल संचालित सरकारी वाहनों को समाप्त कर करीब 10,000 इले्ट्रिरक कारों की खरीद करने की योजना बनाई है।