चंडीग़ढ। हरियाणा भाजपा प्रमुख सुभाष बराला के बेटे विकास और उसके दोस्त आशीष कुमार को शनिवार को यहां की एक अदालत ने २५ अगस्त तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया। गौरतलब है कि उन्होंने कथित तौर पर २९ वर्षीय एक महिला का पीछा किया था और उसे अगवा करने की कोशिश की थी। क़डी पुलिस सुरक्षा के बीच दोनों आरोपियों को ड्यूटी मेजिस्ट्रेट गौरव दत्ता की अदालत में पेश किया गया। बचाव पक्ष के वकील सूर्य प्रकाश ने कहा, दोनों युवकों को १४ दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया। इससे पहले उन्हें १२ अगस्त तक के लिए दो दिन की पुलिस रिमांड में भेजा गया था। दोनों आरोपी पुलिस जांच में शामिल हो गए थे जिसके बाद उन्हें नौ अगस्त को गिरफ्तार कर लिया गया। उन पर भारतीय दंड संहिता की धारा ३६५ के तहत अगवा करने के प्रयास का आरोप लगाया गया है। आरोपियों पर धारा ५११ के तहत ऐसा अपराध करने के प्रयास का आरोप भी है जिसका दंड कारावास अथवा आजीवन कारावास है। पुलिस ने पीछा करने और अगवा करने के प्रयास की घटना के छह दिन बाद १० अगस्त को अपराध स्थल की पुन: रचना की थी। बचाव पक्ष के वकील ने दावा किया था कि २३ वर्षीय विकास और २७ वर्षीय आशीष ने कोई अपराध नहीं किया है, उन्होंने कहा था कि मामले में मीडिया ट्रायल हो रहा है। आईएएस अधिकारी की बेटी की शिकायत पर उन्हें पिछले हफ्ते गिरफ्तार कर लिया गया था लेकिन बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया था क्योंकि उनके खिलाफ भादंसं और मोटर वेहिकल्स कानून की जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस घटना को लेकर और आरोपियों को रिहा किए जाने को लेकर देशभर में गुस्सा फूट प़डा और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए।