नई दिल्ली। एम वेंकैया नायडू शुक्रवार को देश के तेरहवें उपराष्ट्रपति बन गए। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति भवन के दरबार हाल में गरिमापूर्ण समारोह में उन्हें उपराष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई। नायडू ने हिन्दी में शपथ ग्रहण की। इस अवसर पर निवर्तमान उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह, पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और कई अन्य गण्यमान्य व्यक्ति मौजूद थे। शपथ ग्रहण से पहले ६८ वर्षीय श्री नायडू ने राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने भारतीय जनसंघ के संस्थापकों में से एक पंडित दीनदयाल उपाध्याय तथा महान स्वतंत्रता सेनानी एवं देश के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उपराष्ट्रपति के नाते नायडू राज्यसभा के नए सभापति भी बन गए हैं। शपथ ग्रहण के कुछ ही देर बाद वह संसद भवन पहुंचे, जहां उन्होंने राज्यसभा के उपसभापति पीजे कुरियन, संसदीय कार्यमंत्री अनन्त कुमार, सदन में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता डी राजा, द्रवि़ड मुनेत्र कषगम के नेता त्रिची शिवा तथा कुछ अन्य दलों के नेताओं ने उनकी अगवानी की। कुरियन तथा अनन्त कुमार ने उन्हें गुलदस्ता भेंटकर उनका स्वागत किया। उसके बाद सभी नेता उन्हें ससम्मान सभापति के कक्ष में ले गए। बाद में नायडू ने राज्यसभा की कार्यवाही का संचालन भी किया। नायडू भारतीय जनता पार्टी के ऐसे दूसरे नेता हैं, जो उपराष्ट्रपति पद पर पहुंचे। उनसे पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार के पहले कार्यकाल के दौरान भाजना नेता भैरों सिंह शेखावत इस पद के लिए चुने गए थे।