पणजी। गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने गुरुवार को कहा कि जब संवैधानिक प्राधिकारी पूरे अधिकार पा जाते हैं तब वह राजनीतिकों की तुलना में अधिक भ्रष्ट हो सकते हैं। पर्रिकर ने यहां राज्य निर्वाचन अधिकारियों द्वारा किए गए १६.८६ करो़ड रुपए के दावे के ऑडिट की मंगलवार को सिफारिश की है। अधिकारियों ने यह दावा फरवरी में गोवा में संपन्न विधानसभा चुनाव में अपने द्वारा किए गए खर्च के एवज में किया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, चुनाव ड्यूटी के लिए विभिन्न विभागों में पहले से ही वाहनों की व्यवस्था की गई थी। इसके बावजूद अधिकारियों ने अतिरिक्त वाहन किराए पर लिए। उन्होंने सरकारी आथर्कि विकास निगम द्वारा आयोजित एक समारोह में अपने संबोधन में कहा, (गोवा विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया के) करीब ढाई माह के लिए चुनाव आयोग ने १६.८० करो़ड रुपए का बिल दिया है। वह लोग आस-पास गाि़डयों से जाते थे। पर्रिकर ने कहा, यह कहने के लिए माफी चाहूंगा, मैं संवैधानिक प्राधिकारियों की आलोचना नहीं करना चाहता लेकिन जब संवैधानिक प्राधिकारी पूरे अधिकार पा जाते हैं तब वह राजनीतिकों की तुलना में अधिक भ्रष्ट हो सकते हैं। उन्होंने कहा, राजनीतिकों को हर पांच साल में आपके (जनता के) सामने आना प़डता है।