नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने ५५२ करो़ड रुपए की दूसरी किस्त जमा कराने के लिए सहारा प्रमुख सुब्रत राय को अतिरिक्त समय देने से बुधवार को इन्कार कर दिया। न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने आगाह किया कि १५ जुलाई को यदि चेक बाउंस होता है तो सुब्रत को इसका परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना होगा। सहारा समूह के वकील कपिल सिब्बल ने दलील दी कि उनके मुवक्किल ने १५०० करो़ड रुपए जमा करा दिए हैं, लेकिन ५५२.२१ करो़ड रुपए की अगली किस्त के लिए उन्हें एक माह का समय दिया जाए, इस पर न्यायमूर्ति मिश्रा ने कहा कि वह अतिरिक्त समय देने के पक्ष में नहीं हैं। शीर्ष अदालत ने कहा कि यदि १५ जुलाई को चेक बाउंस करता है तो महाराष्ट्र स्थित एम्बे वैली नीलाम कर दी जाएगी। न्यायालय ने सरकारी लिक्विडेटर की एम्बे वैली की नीलामी योजना को मंजूरी दे दी, लेकिन उसे १५ जुलाई तक इंतजार करने का आदेश दिया। न्यायमूर्ति मिश्रा ने कहा, हमें आपको और मौका क्यों देना चाहिए? हम एम्बे वैली बेचकर धन इकट्ठा कर लेंगे। गौरतलब है कि सहारा समूह को १५ जून तक १५०० करो़ड रुपए जमा कराना था जबकि ५५२.२१ करो़ड रुपए जमा कराने के लिए उसे १५ जुलाई तक का समय दिया गया था। न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई के लिए २० जुलाई की तारीख मुकर्रर की।