नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा रविवार को मंत्रिपरिषद में किए गए महत्वपूर्ण विस्तार और फेरबदल में निर्मला सीतारमण को अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाने वाले रक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई जबकि सुरेश प्रभु के स्थान पर पीयूष गोयल को नया रेल मंत्री बनाया गया। मंत्रिपरिषद विस्तार में चार मंत्रियों को पदोन्नत कर कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया तथा नौ राज्यमंत्री शामिल किए गए। ताजा विस्तार के बाद मोदी मंत्रिपरिषद में अब २७ कैबिनेट, ११ स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और ३७ राज्य मंत्री समेत कुल सदस्यों की संख्या ७६ हो गई। उमा भारती से जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय ले लिया गया है और उन्हें पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय का प्रभार सौंपा गया है। धर्मेन्द्र प्रधान का दर्जा ब़ढाकर कैबिनेट मंत्री किया गया है और उन्हें पेट्रोलियम मंत्रालय के अलावा कौशल विकास मंत्रालय का प्रभार दिया गया। सुरेश प्रभु से रेल मंत्रालय का प्रभार लेकर उन्हें उद्योग और वाणिज्य मंत्री बनाया गया है। मुख्तार अब्बास नकवी को पदोन्नति देते हुए अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय में कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है।निर्मला सीतारमण को नया रक्षा मंत्री बनाया गया जिनके पास पहले वाणिज्य मंत्रालय का प्रभार था। सीमारमण को इंदिरा गांधी के बाद रक्षा मंत्रालय का प्रभार संभालने वाली दूसरी महिला रक्षा मंत्री बनने का गौरव हासिल हुआ है। सीतारमण अब सुरक्षा मामलों पर कैबिनेट समिति की सदस्य बनेंगी जिसमें प्रधानमंत्री के अलावा गृह मंत्री, विदेश मंत्री, वित्त मंत्री और रक्षा मंत्री शामिल होते हैं। मंत्रिपरिषद फेरबदल एवं विस्तार में दो ऐसे लोगों को मंत्री बनाया गया है जो किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। इनमें हरदीप सिंह पुरी और अल्फोंस कन्नाथम शामिल हैं। मंत्री बनने के छह महीने में उन्हें किसी सदन का सदस्य बनना होगा। राज्यवर्द्धन सिंह राठौर, गिरिराज सिंह, आरके सिंह, हरदीप सिंह पुरी और अल्फोंस कन्नाथम को स्वतंत्र प्रभार वाला राज्य मंत्री बनाया गया है। पूर्व गृह सचिव आरके सिंह को बिजली, नवीन एवं नवीनीकृत ऊर्जा राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार, हरदीप सिंह पुरी को आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय तथा अल्फॉस कन्नाथम को पर्यटन मंत्रालय में राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार बनाया गया है। नितिन गडकरी अब स़डक परिवहन, राजमार्ग एवं पोत परिवहन के साथ जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय का प्रभार भी संभालेंगे। पीयूष गोयल को नया रेल मंत्री बनाया गया है। वह कोयला मंत्रालय का प्रभार भी संभालेंगे। धर्मेन्द्र प्रधान को पेट्रोलियम मंत्रालय के अलावा कौशल विकास मंत्रालय का प्रभार दिया गया। पहले इस मंत्रालय का प्रभार राजीव प्रताप रूडी के पास था जिन्होंने मंत्रिपरिषद विस्तार से पहले इस्तीफा दे दिया था। राज्यवर्द्धन सिंह राठौर को पदोन्नति देते हुए युवा एवं खेल मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया। वह सूचना प्रसारण मंत्रालय में राज्य मंत्री भी बने रहेंगे। मंत्रिपरिषद में रविवार को ही शामिल हुए शिव प्रताप शुक्ला को वित्त राज्य मंत्री, अश्विनी चौबे को स्वास्थ्य राज्य मंत्री तथा वीरेन्द्र कुमार को महिला एवं बाल विकास तथा अल्पसंख्यक मामलों का राज्य मंत्री बनाया गया। अनंत कुमार हेग़डे को कौशल विकास राज्य मंत्री बनाया गया। डॉ. हर्षवर्द्धन को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान के साथ वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय का प्रभार सौंपा गया। दिवंगत अनिल दवे के निधन के बाद से हर्षवर्धन वन एवं पर्यावरण का अतिरिक्त प्रभार संभाले हुए थे। सत्यपाल सिंह को मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री और जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण राज्य मंत्री बनाया गया। इससे पहले संजीव बालियान जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय में राज्यमंत्री थे और उन्होंने भी मंत्रिपरिषद विस्तार से पहले इस्तीफा दिया था। गिरिराज सिंह को पदोन्नति देते हुए लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यम मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया। इससे पहले यह मंत्रालय कलराज मिश्रा कैबिनेट मंत्री के रूप संभाल रहे थे और उन्होंने भी मंत्रिपरिषद विस्तार से पहले इस्तीफा दिया था। अर्जुन राम मेघवाल का विभाग बदलते हुए उन्हें संसदीय कार्य राज्य मंत्री और जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण राज्य मंत्री बनाया गया है। मेघवाल पहले वित्त राज्य मंत्री थे। विजय गोयल से खेल एवं युवा मामलों के मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार का दर्जा लेते हुए इसकी जगह उन्हें संसदीय कार्य, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम अनुपालन राज्य मंत्री बनाया गया है। मंत्रिपरिषद विस्तार एवं फेरबदल में सुदर्शन भगत को आदिवासी मामलों का राज्यमंत्री का प्रभार दिया गया, वे पहले कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री थे। कृष्णा राज को कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री बनाया गया है।