नई दिल्ली/भाषा। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कर्नाटक से कांग्रेस के संकटमोचक समझे जाने वाले डीके शिवकुमार से धनशोधन मामले में पिछले कुछ दिनों के दौरान बार-बार पूछताछ करने के बाद मंगलवार को उन्हें गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
पूर्व कैबिनेट मंत्री और कनकपुरा के विधायक शिवकुमार पूछताछ के लिए चौथी बार मंगलवार को यहां ईडी मुख्यालय पेश हुए। अधिकारियों ने बताया कि लंबी पूछताछ के बाद उन्हें धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत गिरफ्तार कर लिया गया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की जरूरत है, इसलिए उन्हें गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों के अनुसार शिवकुमार को ईडी बुधवार को यहां अदालत में पेश करेगी और उनकी हिरासत की मांग करेगी।ईडी ने शिवकुमार, नई दिल्ली में कर्नाटक भवन में कर्मचारी हनुमनथैया और अन्य के खिलाफ पिछले साल धनशोधन का मामला दर्ज किया था।
हालांकि शिवकुमार ने किसी भी गड़बड़ी से इनकार किया था और कहा था कि 2017 में राज्यसभा चुनाव के दौरान कर्नाटक के एक रिजार्ट में गुजरात कांग्रेस के विधायकों के सुरक्षित ढंग से ठहराने में अहम भूमिका निभाने के लिए आयकर तलाशी ली गई और बाद में ईडी ने कार्रवाई की। ऐसा आरोप था कि उस चुनाव के दौरान भाजपा इन विधायकों पर डोरे डाल रही थी।
जब सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल ने 2017 में गुजरात से राज्यसभा चुनाव लड़ा था तब शिवकुमार ने गुजरात कांग्रेस के 44 विधायकों को एकसाथ रखने के लिए उन्हें एक रिजॉर्ट में ठहराया था।
तीस अगस्त को पहली बार ईडी के सामने पेश होते हुए शिवकुमार ने कहा था, ‘‘(पेश होना) मेरा कर्तव्य है… मुझे कानून का सम्मान करना है। हम निर्वाचित प्रतिनिधि हैं और कानून का पालन करने वाले नागरिक हैं। उसने (ईडी ने) मुझे बुलाया है… मुझे नहीं पता कि उसने मुझे धनशोधन रोकथाम कानून के तहत क्यों बुलाया है।’