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प्राकृतिक पत्थर उद्योग 'स्टोना 2025' में चमकने के लिए तैयार

एफआईजीएसआई ने 'एक राष्ट्र, एक खनिज, एक नीति' की पैरवी की

प्राकृतिक पत्थर उद्योग 'स्टोना 2025' में चमकने के लिए तैयार
डीके शिवकुमार द्वारा दिए जाएंगे पुरस्कार

बेंगलूरु/दक्षिण भारत। देश की अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक विरासत में महत्त्वपूर्ण योगदान देने वाला प्राकृतिक पत्थर उद्योग भारत के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पत्थर मेले 'स्टोना 2025' के लिए तैयारी कर रहा है।

फेडरेशन ऑफ इंडियन ग्रेनाइट एंड स्टोन इंडस्ट्री (एफआईजीएसआई) के अध्यक्ष कृष्ण प्रसाद ने कहा, 'हम स्टोना 2025 की मेजबानी करने के लिए उत्साहित हैं, जो दुनियाभर के उद्योग हितधारकों, नवप्रवर्तकों और उत्साही लोगों को एक साथ लाएगा। यह आयोजन भारत की समृद्ध प्राकृतिक पत्थर विरासत को प्रदर्शित करेगा तथा व्यवसायों को जुड़ने, सहयोग करने और विकास करने के लिए एक मंच देगा।'

प्रमुख चुनौतियां

अपनी क्षमताओं के बावजूद पत्थर उद्योग को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। कृष्ण प्रसाद ने कहा, 'उद्योग कच्चे माल की कमी, विनियामक बाधाओं और कृत्रिम सामग्रियों की प्रतिस्पर्धा से जूझ रहा है।'

उन्होंने कहा, 'हमें उद्योग के प्रदर्शन और परिणाम के लिए अनुकूल माहौल की जरूरत है। इसके लिए पत्थर उद्योग की ओर गंभीरता से ध्यान देना होगा, ताकि आने वाली समस्याओं का समाधान हो सके। साथ ही समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए दुनियाभर में सर्वोत्तम प्रथाओं को लागू किया जा सके।'

नीतिगत सुधारों की पैरवी

एफआईजीएसआई प्रमुख नीतिगत सुधारों की पैरवी कर रहा है, जिसमें गारंटीशुदा नवीनीकरण के साथ 50 वर्ष के लिए खदान पट्टे देना, रॉयल्टी दरों को युक्तिसंगत बनाना और रॉ ब्लॉकों एवं स्लैबों पर जीएसटी कम करना शामिल है।

कृष्ण प्रसाद ने कहा, 'हमारा मानना है कि 'एक राष्ट्र, एक खनिज, एक नीति' जैसे सुधार होने चाहिएं, जिससे उद्योग को अपनी पूरी क्षमता हासिल करने में मदद मिलेगी और भारत की आर्थिक वृद्धि में महत्त्वपूर्ण योगदान मिलेगा।'

टेक्नोलॉजी और कौशल विकास

कुशल कर्मियों की कमी को दूर करने के लिए, एफआईजीएसआई ने तमिलनाडु के होसुर और राजस्थान के जयपुर में दो अत्याधुनिक प्रशिक्षण एवं कौशल विकास केंद्र स्थापित किए हैं। कृष्ण प्रसाद ने कहा, 'हम कौशल अंतर को पाटने तथा उद्योग को कुशल पेशेवरों की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।'

ये होंगे कार्यक्रम

स्टोना 2025 के बारे में एफआईजीएसआई के महासचिव मनोज कुमार सिंह ने बताया कि 12 फरवरी को सुबह 11 बजे उद्घाटन समारोह होगा। 13 फरवरी को सुबह 10.30 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक जियोलॉजी सेमिनार होगी। 15 फरवरी को सुबह 11 बजे समापन समारोह होगा।

मेले का उद्घाटन मुख्य अतिथि कर्नाटक के खान एवं भूविज्ञान और बागवानी मंत्री एसएस मल्लिकार्जुन और परिवहन एवं मुजराई मंत्री डॉ. रामलिंगा रेड्डी करेंगे। राजस्थान के वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री कृष्ण कुमार विश्नोई भी बतौर अतिथि शिरकत करेंगे।

अगले दिन 'सुरक्षित और टिकाऊ खनन के लिए कौशल एवं टेक्नोलॉजी का उपयोग' विषय पर सेमिनार का आयोजन किया जाएगा। समापन समारोह के मुख्य अतिथि कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार होंगे।

पुरस्कार और सम्मान

स्टोना 2025 में ये पुरस्कार और सम्मान दिए जाएंगे-

श्रेणी 1: लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड

श्रेणी 2: मूर्तिकार अरुण योगीराज का सम्मान

श्रेणी 3: उद्योग पुरस्कार- मॉडल ग्रेनाइट और संगमरमर खदानें, निर्यात उत्कृष्टता, मशीनरी, उपकरण

श्रेणी 4: जियोलॉजी के क्षेत्र में मेधावी छात्र पुरस्कार

ये पुरस्कार डीके शिवकुमार द्वारा दिए जाएंगे।

तीसरी सबसे बड़ी स्टोन प्रदर्शनी

स्टोना 2025 के अध्यक्ष मदन लाल जांगिड़ ने कहा, 'यह इटली और चीन के मेलों के बाद दुनिया में तीसरी सबसे बड़ी स्टोन प्रदर्शनी है। कुल प्रदर्शनी क्षेत्र 45,000 वर्ग मीटर और अनुमानित कारोबार लगभग 1,000 करोड़ रुपए है।'

स्टोना 2025 में प्रदर्शनी के लिए 5 हॉल और एक आउटडोर क्षेत्र है। दुनियाभर से लगभग 500 प्रदर्शक और हज़ारों आगंतुक आएंगे और प्राकृतिक पत्थरों, मशीनरी, औज़ारों और नवाचारों का प्रदर्शन किया जाएगा। मेले में 4 अंतरराष्ट्रीय मंडप हैं और 18 देश भाग ले रहे हैं।

मदन लाल जांगिड़ ने कहा कि स्टोना 2025 में ग्रामीण कारीगरों को अपनी कलाकृतियां प्रदर्शित करने के लिए प्रोत्साहित करने के वास्ते 'शिल्पग्राम' का प्रदर्शन किया जाएगा। देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले कई कारीगरों को 25 स्टॉल आवंटित किए गए हैं।

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