मुंबई/दक्षिण भारत। एप्सिलॉन समूह ने बुधवार को कर्नाटक में ईवी बैटरी परीक्षण और उन्नत सामग्री के लिए विनिर्माण और अनुसंधान सुविधा विकसित करने में 15,350 करोड़ रुपए निवेश करने की योजना की घोषणा की।
एप्सिलॉन ने कहा कि इस संबंध में बेंगलूरु में आयोजित इन्वेस्ट कर्नाटका शिखर सम्मेलन में कर्नाटक सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
बयान में कहा गया है कि अगले 10 वर्षों के लिए नियोजित यह रणनीतिक निवेश भारत के इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करेगा, हजारों नौकरियां पैदा करेगा और उन्नत बैटरी प्रौद्योगिकी के केंद्र के रूप में भारत की स्थिति को मजबूत करेगा।
समझौता ज्ञापन के भाग के रूप में, एप्सिलॉन समूह अपनी सहायक कंपनियों एप्सिलॉन एडवांस्ड मैटेरियल्स और एप्सिलॉन सीएएम प्राइवेट लिमिटेड के साथ टिकाऊ और उच्च प्रदर्शन वाले ग्रेफाइट एनोड और लिथियम आयरन फॉस्फेट (एलएफपी) कैथोड बैटरी सामग्री का निर्माण करेगा, जबकि इंस्पायर एनर्जी रिसर्च सेंटर प्राइवेट लिमिटेड ईवी बैटरी सामग्री और बैटरी निर्माताओं के लिए अनुसंधान एवं विकास, परीक्षण और प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित करेगा।
कंपनी ने कहा कि इस योजना में ग्रेफाइट एनोड विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने के लिए 9,000 करोड़ रुपए, एलएफपी कैथोड विनिर्माण संयंत्र के लिए 6,000 करोड़ रुपए और बैटरी सामग्री और बैटरी परीक्षण अनुसंधान एवं विकास तथा प्रशिक्षण केंद्र के लिए 350 करोड़ रुपए का निवेश शामिल है।