देरगांव/दक्षिण भारत। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस ने असम में शांति कायम नहीं होने दी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे बहाल किया, बुनियादी ढांचे का विकास किया और पूर्वोत्तर राज्य के युवाओं के लिए रोजगार सुनिश्चित किया।
शाह गोलाघाट जिले के डेरगांव में पुनर्निर्मित लाचित बरफुकन पुलिस अकादमी के पहले चरण का उद्घाटन करने के बाद बोल रहे थे। उन्होंने दूसरे चरण की आधारशिला भी रखी।
उन्होंने कहा, 'पिछले 10 वर्षों में असम में 10,000 से अधिक युवा हथियार डालकर मुख्यधारा में शामिल हुए हैं और राज्य में शांति लौट आई है।'
शाह ने कहा, 'असम, जो आंदोलन, हिंसा और उग्रवाद के लिए जाना जाता था, अब सबसे आधुनिक सेमीकंडक्टर उद्योग है।'
उन्होंने कहा, 'यहां सेमीकंडक्टर इकाई के लिए 27,000 करोड़ रुपए का निवेश किया जा रहा है, जो असम का भविष्य बदलने जा रहा है।'
शाह ने यह भी कहा कि हाल में संपन्न एडवांटेज असम 2.0 व्यापार शिखर सम्मेलन में 5 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, केंद्र सरकार द्वारा राज्य में 3 लाख करोड़ रुपए की अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाएं क्रियान्वित की जाएंगी।
गृह मंत्री ने कहा, ‘आठ करोड़ लाख रुपए की लागत वाली इन परियोजनाओं से ऐसा माहौल बनेगा कि देशभर से युवा नौकरी के लिए यहां आएंगे।’
उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के तहत साल 2020 में बोडो शांति समझौता, 2021 में कार्बी समझौता, 2022 में आदिवासी शांति समझौता और साल 2023 में उल्फा के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
शाह ने कहा कि मेघालय और अरुणाचल प्रदेश के साथ सीमा विवाद निपटाने के लिए समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए गए हैं।