वीआईपी की जगह ईपीआई

मन की बात : कोई वीआईपी नहीं, देश के सभी लोग महत्वपूर्ण

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में वीआईपी संस्कृति की जगह ईपीआई (एवरी पर्सन इज इंपॉरटेंट) संस्कृति को ब़ढावा देने का आह्वान करते हुए रविवार को कहा कि लाल बत्ती का चलन खत्म हो गया है, लेकिन लाल बत्ती वाली सोच को खत्म करना जरूरत है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि देश का हर नागरिक समान रूप से महत्वपूर्ण है। मोदी ने ‘मन की बात’’ कार्यक्रम में युवाओं से कंफर्ट जोन से बाहर निकलने की अपील करने के साथ कौशल विकास, भीम ऐप के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने पर आर्थिक लाभ की योजना, पांच मई को होने वाले दक्षिण एशिया उपग्रह के प्रक्षेपण, सबका साथ-सबका विकास के मूलमंत्र में प़डोसी देशों के शामिल होने, बुद्ध पूर्णिमा पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने के लिए अपनी प्रस्तावित श्रीलंका यात्रा और श्रमिक दिवस सहित कई बिंदुओं पर अपने विचार रखे। लाल बत्ती के चलन को खत्म करने का सरकार का फैसला प्रभावी होने के एक दिन बाद मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि देश की १२५ करो़ड जनता का समान रूप से महत्व है। मोदी ने कहा, देश में वीआईपी कल्चर के खिलाफ लोगों में नफरत है। फिर भी यह संस्कृति बहुत गहराई तक घर कर गई है। लालबत्ती तो गाि़डयों पर लगी होती है, लेकिन लाल बत्ती कुछ लोगों के दिमाग में बैठ गई थी। सरकार द्वारा लाल बत्ती कल्चर को खत्म कर दिया गया, लेकिन कोई यह दावा नहीं कर सकता कि लाल बत्ती की सोच चली गई। अब दिमाग से भी लालबत्ती कल्चर को खत्म करने की जरूरत है।