अजित पवार
अजित पवार

मुंबई/भाषा। महाराष्ट्र में विभागों के आवंटन के तहत उपमुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ राकांपा नेता अजित पवार को वित्त एवं योजना विभाग दिया गया है जबकि राकांपा के ही अनिल देशमुख राज्य के नए गृह मंत्री बनाए गए हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को बताया कि इनके अलावा, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बेटे और पहली बार विधायक बने शिवसेना के आदित्य ठाकरे को पर्यावरण, पर्यटन एवं प्रोटोकॉल विभागों का प्रभार सौंपा गया है।

उन्होंने बताया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बालासाहेब थोराट को राजस्व मंत्रालय मिला है जबकि पूर्व मुख्यमंत्री तथा कांग्रेस के ही अशोक चव्हाण को लोक कल्याण विभाग (जिसमें सार्वजनिक उपक्रम शामिल नहीं हैं) दिया गया। राकांपा के नेता और राज्य विधानपरिषद में विपक्ष के पूर्व नेता धनंजय मुंडे को सामाजिक न्याय विभाग मिला जबकि पार्टी नेता जितेंद्र अवहाद को आवास मंत्रालय दिया गया।

विभागों के इस आवंटन के साथ ही अधिकतर ‘महत्वपूर्ण’ मंत्रालय शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा को मिले हैं। इस प्रकार की अटकलें लगाई जा रही थीं कि राकांपा के जयंत पाटिल या अजित पवार को गृह मंत्रालय मिलेगा लेकिन यह विभाग देशमुख को दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने सामान्य प्रशासन विभाग, सूचना एवं प्रौद्योगिकी और विधि एवं न्याय विभाग अपने पास रखे हैं। शहरी विकास मंत्रालय शिवसेना के एकनाथ शिंदे को आवंटित किया गया है, जो पीडब्ल्यूडी (सार्वजनिक उपक्रम) का प्रभार भी संभालेंगे। शिवसेना के वरिष्ठ नेता सुभाष देसाई को उद्योग एवं खनन मंत्रालय और पार्टी नेता अनिल परब को परिवहन एवं संसदीय मामलों का मंत्रालय दिया गया गया।

इससे पहले, महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे द्वारा प्रस्तावित विभागों के आवंटन को मंजूरी दे दी थी। राजभवन के प्रवक्ता ने यह जानकारी दी थी। मंत्रियों को आवंटित होने वाले विभागों की सूची राज्यपाल को शनिवार शाम सौंप दी गई थी।

राकांपा मंत्रियों में छगन भुजबल को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, नवाब मलिक को अल्पसंख्यक मामलों का मंत्रालय, वक्फ बोर्ड, कौशल विकास एवं उद्यमिता, दिलीप वाल्से पाटिल को आबकारी एवं श्रम, जयंत पाटिल को जल संसाधन विकास एवं कमान क्षेत्र विकास और राजेंद्र शिंगने को खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग सौंपा गया।

इसके अलावा, राकांपा के राजेश तोपे को लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, हसन मुशरिफ को ग्रामीण विकास और बालासाहेब पाटिल को सहकारिता एवं विपणन विभाग का कार्यभार दिया गया।

शिवसेना में दादाजी भुसे को कृषि एवं सेवानिवृत्त कर्मी कल्याण विभाग, संदीपन भुमरे को ईजीएस और बागवानी, गुलाबराव पाटिल को जलापूर्ति एवं स्वच्छता, संजय राठौड़ को वन, राहत एवं पुनर्वास और आपदा प्रबंधन तथा उदय सामंत को उच्चतर एवं तकनीकी शिक्षा विभाग सौंपे गए।

कांग्रेस के नेताओं में से यशोमति ठाकुर को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, वर्षा गायकवाड़ को स्कूली शिक्षा विभाग, सुनील केदार को पशु संवर्धन और डेयरी विकास विभाग, युवा एवं खेल कल्याण विभाग, विजय वडेट्टीवार को ओबीसी कल्याण और नमक भूमि विकास, अमित देशमुख को चिकित्सकीय शिक्षा एवं संस्कृति, के सी पाडवी को जनजातीय विकास और असलम शेख को कपड़ा, मत्स्य एवं बंदरगाह विकास मंत्रालय दिया गया।

इसके अलावा निर्दलीय विधायक शंकरराव गडाख को भूमि एवं जल संरक्षण विभाग मिला। राकांपा के राज्य मंत्रियों में दत्तात्रेय भरणे को पीडब्ल्यूडी, वन, पशुसंरक्षण एवं जीएडी, संजय बंसोडे को पर्यावरण, पेयजल एवं स्वच्छता, प्राजक्त तानपुरे को शहरी विकास, विद्युत एवं जनजातीय विकास और अदिति तातकारे को उद्योग, पर्यटन, बागवानी एवं खेल मंत्रालय सौंपे गए।

शिवसेना के राज्य मंत्रियों में शम्भूराज देसाई को गृह-ग्रामीण, वित्त एवं योजना और आबकारी तथा अब्दुल सत्तार को राजस्व, ग्रामीण विकास, बंदरगाह और नमक भूमि विकास सौंपा गया। कांग्रेस के राज्य मंत्रियों में विश्वजीत कदम को सहकारिता एवं कृषि विभाग और सतेज पाटिल को गृह-शहरी, परिवहन, आयकर और सेवानिवृत्त कर्मी कल्याण विभाग की जिम्मेदारी दी गई।

इसके अलावा राज्य मंत्रियों में राजेंद्र यदरावकर (निर्दलीय विधायक) को चिकित्सकीय शिक्षा, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और बच्चू कडू (निर्दलीय विधायक) को जल संसाधन, स्कूली शिक्षा एवं ओबीसी कल्याण मंत्रालय सौंपे गए।

राज्य में विपक्षी भाजपा एक महीने से अधिक समय से सत्ता में होने के बावजूद विभागों के आवंटन में देरी के लिए महाराष्ट्र विकास अघाड़ी सरकार को निशाना बना रही थी। शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस के दो-दो सदस्यों के साथ मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने 28 नवम्बर को शपथ ली थी। इसके बाद 30 दिसंबर को मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया था।