प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल.

श्रीनगर/दक्षिण भारत। अमेरिका के ह्यूस्टन में ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम के बाद अब सबकी निगाहें संयुक्त राष्ट्र जनरल असेंबली (यूएनजीए) की ओर हैं। दरअसल यहां 27 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तानी समकक्ष इमरान खान भाषण देंगे। इसके मद्देनजर कश्मीर घाटी में कयासों का बाजार गरम है। इसके बारे में अलग-अलग अटकलें लगाई जा रही हैं।

स्थानीय लोगों में खासतौर से दो बातें उभरकर सामने आ रही हैं। एक पक्ष का मानना है कि दोनों नेताओं के भाषण के बाद कश्मीर में हालात बेहतर हो सकते हैं। वहीं, कुछ लोगों को आशंका है कि इससे दोनों देशों में तनाव बढ़ सकता है जिसके बाद कश्मीर में कानून व्यवस्था को लेकर सख्ती हो सकती है।

हालांकि, इन सबके बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल फिर कश्मीर घाटी पहुंच गए हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, डोभाल यहां सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने आए हैं और घटनाक्रम पर पूरी नजर है। डोभाल के कश्मीर दौरे को यूएनजीए में मोदी और इमरान के भाषण से जोड़कर देखा जा रहा है।

क्या कहते हैं कश्मीरी?
कश्मीर घाटी में 27 सितंबर के भाषण के संबंध में कई तरह की चर्चा है। मस्जिदों में नमाज एवं अन्य धार्मिक कार्यों में शामिल होने वाले लोग इस पर अपने नजरिए के मुताबिक कयास लगा रहे हैं। पाकिस्तान के रुख को देखकर यह तय माना जा रहा है कि इमरान खान यूएनजीए में कश्मीर का मुद्दा उठाकर कई मनगढ़ंत दावे करेंगे। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने भाषण में पाक प्रायोजित आतंकवाद पर चोट करेंगे।

कश्मीर घाटी निवासी एक शख्स ने बताया कि दोनों नेताओं के भाषण के बाद ही कुछ कहा जा सकता है और उसी के आधार पर लोग अपनी राय जाहिर करेंगे। दूसरी ओर, 31 अक्टूबर में भी करीब एक माह का समय रह गया है। उस दिन औपचारिक रूप से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश के रूप में विभाजित किया जाएगा। जो कानून अब तक यहां लागू नहीं होते थे, इस तारीख से लागू हो जाएंगे।

डोभाल का किरदार अहम
बता दें कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 के प्रावधानों को हटाने से पहले भी अजीत डोभाल कश्मीर दौरे पर गए थे। इसके बाद वहां अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया गया। इससे ऐसी चर्चा को बल मिला कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर को लेकर कोई बड़ा फैसला ले सकती है।

अजीत डोभाल इस पूरे घटनाक्रम से जुड़े रहे हैं। वे 5 अगस्त को भी कश्मीर दौरे पर थे और शोपियां में आम लोगों से मुलाकात कर उनके साथ खाना खाया। उन्होंने ईद-उल-अजहा से पहले पशु विक्रेताओं से बातचीत की। डोभाल ने आम नागरिकों के अलावा स्कूली बच्चों से भी मुलाकात की और हालात बेहतर होने का भरोसा दिलाया।