केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह

नई दिल्ली/भाषा। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 2003 में संसद में जो सुझाव दिए थे, नए नागरिकता कानून में उनको ही लागू करने पर जोर दिया गया है। मनमोहन ने पड़ोसी देशों में उत्पीड़न के शिकार अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता दिए जाने की वकालत की थी।

सिंह ने वोटबैंक की जरूरत या राजनीतिक लाभ के आधार पर मुद्दों पर अपना रुख बदलने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। सिंह ने कहा कि संशोधित नागरिक कानून में उन्हीं सुझाव को लागू करने पर जोर दिया गया है जो 2003 में राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष के तौर पर मनमोहन सिंह ने बांग्लादेश और अन्य पड़ोसी देशों में उत्पीड़न के शिकार अल्पसंख्यकों को नागरिकता प्रदान करने के लिए एक उदार नीति के समर्थन में बहुत प्रभावी ढंग से और तार्किक रूप से रखा था।

उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस पार्टी को देश के सामने यह स्पष्टीकरण देना है कि क्या वह वोटबैंक की आवश्यकता और राजनीतिक लाभ के आधार पर किसी एक मुद्दे पर अपना रुख बदलती रहती है। प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री सिंह ने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों द्वारा देश के सामाजिक ताने-बाने और सौहार्द को पहले ही काफी नुकसान पहुंचाया गया है और उन दलों की नजर हमेशा अगले चुनाव पर होती है।

सिंह ने कहा कि यह पहला मौका है कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मुद्दों को उनकी प्राथमिकता के आधार पर निपटा कर राजनीतिक संस्कृति को बदलना है। देश के विभिन्न हिस्सों में हो विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि आम जनता को राजनीतिक विचारों और दलगत राजनीति से ऊपर उठना चाहिए।

सिंह ने कहा कि हम सभी को संशोधित नागरिकता कानून के निहितार्थों का पहले अध्ययन कर उसे समझना चाहिए और उसके बाद जनता के सामने स्पष्टीकरण देना चाहिए ताकि वे राजनीतिक विचारों और दलगत राजनीति से ऊपर उठ सकें।