प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

नई दिल्ली/इस्लामाबाद/दक्षिण भारत। कश्मीर मामले पर कई बड़े दावे कर अमेरिका पहुंचे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ अब उनके ही देश में लोगों का गुस्सा फूट रहा है। टीवी से लेकर सोशल मीडिया में लोग इमरान खान को आड़े हाथों ले रहे हैं।

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री को सबसे पहले उस समय फजीहत का सामना करना पड़ा था जब अमेरिका पहुंचने पर उनका ठंडा स्वागत ​हुआ। अमेरिका का कोई भी उच्चाधिकारी या राजनेता इमरान का स्वागत करने नहीं आया। उसके अलावा उनके लिए विमान से उतरते ही रेड कार्पेट भी नहीं बिछाया गया, जैसा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए बिछाया गया था।

इमरान को मात्र कुछ इंच चौड़े एक पायदान से ही संतोष करना पड़ा। पाकिस्तान में यह बहस का मुद्दा बना और लोगों ने अमेरिका के खिलाफ आक्रोश जाहिर किया। इमरान के दौरे से पहले हर टीवी चैनल पर चर्चा थी कि वजीरे-आज़म अमेरिका पहुंचकर कश्मीर पर दुनिया का रुख बदलने में कामयाब होंगे, लेकिन अब तक ऐसा कुछ नहीं हुआ है। इमरान खान के झूठे दावों का दुनिया पर कोई असर नहीं हो रहा है।

वहीं, ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम में मोदी का संबोधन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनकी तस्वीरें देख पाकिस्तानी टीवी चैनलों पर हाहाकार मचा हुआ है। एंकरों में इमरान और उनके मंत्रियों के खिलाफ गहरा गुस्सा है। आए दिन भारत के खिलाफ जहर उगलने वाले ये पाकिस्तानी एंकर प्रधानमंत्री मोदी के भाषण और बड़ी तादाद में उमड़ी भीड़ से प्रभावित हुए बिना नहीं रह सके।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान

दूसरी ओर, इमरान के विभिन्न इंटरव्यू सुनकर पाकिस्तानियों ने निराशा ही जाहिर की। उनके मुताबिक, इमरान खान विश्व मीडिया के सामने हताश और निराश नजर आ रहे थे। उन्होंने कश्मीर मुद्दे पर भी पाकिस्तान की किरकिरी कराई। कहा जा रहा है कि मोदी के जलवे के आगे इमरान बेबस नजर आए। उनका ‘कश्मीर राग’ सुनने के लिए कोई भी उत्सुक नहीं था। राष्ट्रपति ट्रंप ने भी इमरान के सामने पाकिस्तानी पत्रकारों को फटकार लगा दी।

पाकिस्तानी चैनलों पर होने वाली बहस में इमरान के उस दावे पर सवाल उठाए जा रहे हैं जो उन्होंने जुलाई में अमेरिका दौरे से लौटने के समय किए थे। बता दें कि उस दौरान इमरान ने कहा था कि उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है जैसे कि वे विश्व कप जीतकर आए हैं। इमरान के उस बयान के कुछ दिन बाद ही भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 के प्रावधानों को समाप्त कर दिया था।

अब एक बार फिर अमे​रिका पहुंचे इमरान को पाकिस्तानी मीडिया नसीहत दे रहा है कि उतना ही बोलें, जितना विदेश मंत्रालय ने आपको लिखकर दिया है। कहीं शेखी बघारने की कोशिश में अर्थ का अनर्थ न कर दें, लेकिन इमरान ने इस नसीहत पर अमल नहीं किया। उन्होंने एक इंटरव्यू में कबूल किया कि पाकिस्तानी फौज और आईएसआई ने अतीत में अलकायदा को प्रशिक्षण दिया था। इसके बाद पाकिस्तान में कई संगठन इमरान का विरोध कर रहे हैं और उनकी वापसी के इंतजार में हैं।