हम असम को घुसपैठियों का अड्डा नहीं बनने देंगे: शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जनसभा को संबोधित करते हुए। फोटो स्रोत: भाजपा ट्विटर अकाउंट।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जनसभा को संबोधित करते हुए। फोटो स्रोत: भाजपा ट्विटर अकाउंट।

चिरांग/दक्षिण भारत। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को असम के चिरांग में जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर जमकर शब्दप्रहार किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पांच वर्ष पहले मैं इसी क्षेत्र में आया था, तब कहा था कि भाजपा और असम गण परिषद की सरकार बनाकर दीजिए, हम आतंकवाद मुक्त असम बनाकर देंगे।

शाह ने कहा कि कांग्रेस हमेशा आंतरिक संघर्षों पर पनपी है। बोडो गैर-बोडो लोगों से लड़ रहा था, ऊपरी असम लोअर असम से लड़ रहा था और असमिया बंगाली से लड़ रहे थे। हालांकि, पिछले पांच वर्षों में, असम में भाजपा सरकार द्वारा ऐसी कई समस्याओं का समाधान किया गया है, जो राज्य को शांतिपूर्ण बनाता है।

शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनाइए, हम आंदोलन मुक्त असम बनाकर देंगे। मैंने कहा था कि भाजपा और असम गण परिषद की सरकार बनाइए, हम एक विकसित असम आपको देंगे। आज तीनों वादे पूरा करके भाजपा आपका आशीर्वाद मांगने यहां आई है।

शाह ने कहा कि पिछले 5 वर्षों में, असम में कोई उग्रवाद नहीं हुआ है। कांग्रेस ने पूर्व में उग्रवाद के दौरान असम के युवाओं पर गोली चलाई थी। वही कांग्रेस आज बदरुद्दीन अजमल के साथ चल रही है। क्या असम के युवाओं को मारने वाली पार्टी को असम में वोट मांगने का कोई अधिकार है?

शाह ने कहा कि हमने कहा था कि हम असम में हिंसा का युग समाप्त करके शांति स्थापित करेंगे। हमने बोडोलैंड समझौता किया है, और समझौते के तहत दो तिहाई वादे 6 महीने में पूरे कर दिए हैं।

शाह ने कहा कि कांग्रेस कभी भी हिंसा, आतंकवाद और आंदोलन समाप्त करना नहीं चाहती थी। हमने डबल इंजन सरकार के माध्यम से असम को विकास के रास्ते पर ले जाने का काम किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने असम के विकास के लिए ढेर सारे काम किए हैं। ब्रह्मपुत्र नदी पर 6 ब्रिज बनाए, तेल क्षेत्र के विकास के लिए 46 हजार करोड़ रुपए दिए हैं।

शाह ने कहा कि असम का गौरव गैंडों का काजीरंगा के जंगलों में घुसपैठिए शिकार करते थे। हमारी सरकार ने काजीरंगा की भूमि को घुसपैठियों से मुक्त कराकर गैंडों के शिकार को रोकने का काम किया है। कल तो बदरुद्दीन अजमल ने कहा कि सरकार की चाबी मेरे पास है, मैं जैसे चाहूंगा वैसे सरकार चलाऊंगा, जिसको चाहूंगा उसको मंत्री बनाऊंगा।

बदरुद्दीन अजमल, सरकार की चाबी आपके हाथ में नहीं है, असम की जनता के हाथ में चाबी है। कान खोलकर सुन लो बदरुद्दीन, हम असम को घुसपैठियों का अड्डा नहीं बनने देंगे। आपको उखाड़ कर फेंकने का काम भाजपा करेगी।