मूडीज एनालिटिक्स का अनुमान: 2021 में 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करेगी भारतीय अर्थव्यवस्था

प्रतीकात्मक चित्र। फोटो स्रोत: PixaBay
प्रतीकात्मक चित्र। फोटो स्रोत: PixaBay

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। कोरोना महामारी में मुश्किल हालात से जूझने के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था रफ्तार पकड़ने की ओर अग्रसर होगी। यह अनुमान मूडीज एनालिटिक्स ने लगाया है, जिसके अनुसार भारत की अर्थव्यवस्था 2021 के कैलेंडर वर्ष में 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करेगी।

मूडीज के अध्ययन के अनुसार, पिछले साल भारतीय अर्थव्यवस्था में 7.1 प्रतिशत की बड़ी गिरावट आई थी। अब निकट भविष्य की संभावनाएं बहुत बेहतर नजर आ रही हैं।

मूडीज एनालिटिक्स की रिपोर्ट में बताया गया है कि दिसंबर 2020 को समाप्त तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 0.4 प्रतिशत रही है। उसने भारतीय अर्थव्यवस्था के इस प्रदर्शन को उम्मीद से कहीं बेहतर बताया है। इससे पिछली तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था 7.5 प्रतिशत की गिरावट का सामना कर रही थी।

मूडीन ने आगामी अनुमान के बारे में कहा कि निजी खपत और गैर-निवासी निवेश में अगले कुछ तिमाहियों में वृद्धि होगी। इससे 2021 में घरेलू मांग में सुधार होगा। उसके आकलन के अनुसार,
अंकुशों में ढील दिए जाने के बाद देश-विदेश में मांग में सुधार देखा गया है। यह हाल के महीनों में विनिर्माण उत्पादन में बढ़ोतरी के रूप में दिखाई दिया है।

इसके साथ ही मूडीज ने अनुमान लगाया है कि 2021 के कैलेंडर साल में जीडीपी की वास्तविक वृद्धि दर 12 प्रतिशत रहेगी। अनुमान के अनुसार, वित्त वर्ष 2021-22 के बजट से वार्षिक राजकोषीय घाटा जीडीपी के करीब सात प्रतिशत पर पहुंच जाएगा।

मूडीन ने 2021 में मुख्य मुद्रास्फीति के नियंत्रित तरीके से बढ़ने का अनुमान लगाया है। साथ ही खाद्य वस्तुओं या ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी से परिवारों की खर्च योग्य पर असर पड़ने की संभावना जताई है।

मूडीज ने इस बात का भी उल्लेख किया है कि अगर कोरोना की दूसरी लहर आती है तो अर्थव्यवस्था में सुधार को लेकर जोखिम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में जरूरी है कि सभी नागरिक स्वच्छता, मास्क, सोशल डिस्टें​सिंग एवं संबंधित सावधानियों का पालन करें।