मुंबई/भाषा। आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास के बयान और मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) के फैसलों की मुख्य बातें:

* आरबीआई ने रेपो रेट को 0.40 प्रतिशत घटाकर चार प्रतिशत किया।

* रिवर्स रेपो रेट को घटाकर 3.35 प्रतिशत किया गया।

* दो महीनों में प्रमुख नीतिगत दरों में दूसरी बार बड़ी कमी।

* आरबीआई ने अहम फैसले लेने के लिए समय से पहले बुलाई एमपीसी की बैठक

* आरबीआई गवर्नर ने कहा कि एमपीसी ने वृद्धि के परिदृश्य को सबसे गंभीर जोखिम माना।

* वित्त वर्ष 2020-21 में जीडीपी वृद्धि नकारात्मक रहने का अनुमान है, दूसरी छमाही में कुछ सुधार हो सकता है।

* देश के कुल औद्योगिक उत्पादन में 60 प्रतिशत योगदान करने वाले शीर्ष छह औद्योगिक राज्य मौटे तौर पर लाल या नारंगी क्षेत्रों हैं।

* संकेतक मार्च की शुरुआत से मांग में गिरावट की ओर इशारा कर रहे हैं।

* एमपीसी ने माना कि कोविड-19 का आर्थिक प्रभाव शुरुआती अनुमानों के मुकाबले अधिक गंभीर है।

* अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्र गंभीर दबाव का सामना कर रहे हैं।

* लॉकडाउन के कारण पहली तिमाही में कृषि के अलावा अन्य आर्थिक गतिविधियों के कमजोर रहने की आशंका।

* मुद्रास्फीति के अनुमान बेहद अनिश्चित।

* कर्ज अदायगी पर ऋण स्थगन को तीन महीनों के लिए 31 अगस्त, 2020 तक बढ़ाया गया।

* उधार देने वाली संस्थाओं को कार्यशील पूंजी सुविधाओं पर ब्याज को 31 अगस्त तक टालने की अनुमति है।

* आरबीआई ने 31 जुलाई से पहले किए गए आयात पर धन प्रेषण की अवधि को छह माह से बढ़ाकर 12 माह किया।

* आरबीआई ने एक्जिम बैंक को 15,000 करोड़ रुपए की ऋण सुविधा दी।

* विदेशी मुद्रा भंडार 2020-21 में (15 मई तक) 9.2 अरब डॉलर बढ़कर 487 अरब डॉलर हो गया।