प्रतीकात्मक चित्र
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मुंबई/भाषा। नीति आयोग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अमिताभ कांत ने शनिवार को कहा कि वाहन और वाहन-कलपुर्जा बनाने वाले उद्योगों के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के निर्माण की दिशा में काफी बुनियादी काम किए जा चुके हैं। वह वाहन कलपुर्जा विनिर्माताओं के संघ (एक्मा) की 60वीं वार्षिक बैठक को संबोधित कर रहे थे।

दिल्ली में आयोजित इस सम्मेलन में कांत ने यह भी कहा कि वाहन स्क्रैप नीति (वाहन तोड़ने की नीति) पर अंतर-मंत्रालयीय चर्चा में ‘भी काफी प्रगति हो चुकी है। इस नीति का उद्देश्य एक अवधि से अधिक पुराने वाहनों को तोड़ने की ऐसी व्यवस्था करना है जहां वाहन मालिक को कुछ प्रोत्साहन दिए जाने का प्रावधान हो।’

कांत ने कहा कि पीएलआई के लिए नीति आयोग जमीनी स्तर के बहुत से काम कर चुका है। भारी वाहन मंत्रालय इस बारे में उद्योग जगत से बातचीत कर चुका है। हमें इस नीति को पूरे जोर-शोर से लागू करना होगा। उन्होंने कहा कि वाहन तोड़ने की नीति के निर्धारण के लिए अंतर-मंत्रालयीय संवाद भी बहुत आगे पहुंच चुका है।

उन्होंने कलपुर्जे बनाने वाले घरेलू विनिर्माताओं को आत्मनिर्भर भारत का बड़ा उदाहरण बताया। उन्होंने यह भी कहा कि कोविड-19 महामारी की वजह से पैदा संकट से भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से उबरने जा रही है। हालत में सुधार की दिशा अंग्रेजी वर्णमाला के वी अक्षर जैसी होगी, जिसका अभिप्राय है कि जिस गति से गिरावट रही, तेजी भी उसकी गति के करीब होगी।