जिनआगम व जिनप्रतिमा है जीवों का आधार : आचार्य चन्द्रभूषण

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आचार्यश्री के साथ चैत्य परिपाटी के लाभार्थी हरण परिवार

मैसूरु । यहाँ के सुमतिनाथ मूर्तिपूजक जैन संघ के तत्वावधान में आचार्यश्री चंद्रभूषणसूरीश्वरजी की निश्रा में रविवार को चैत्य परिपाटी का आयोजन किया गया। पर्युषण पर्व पूर्णाहुति के मौके पर आयोजित यात्रा मेंें श्रद्धालुओं ने मैसूरु के तीनों जैन मंदिरों के दर्शन कर सामूहिक चैत्य वंदन किया। चैत्य परिपाटी के आयोजन का लाभ श्रीमती सोहनदेवी सुखराज हरण परिवार ने लिया। संघ के अध्यक्ष अशोककुमार दांतेवाि़डया ने हरी झण्डी दिखाकर वरघो़डा सहित यात्रा को रवाना किया। लाभार्थी परिवार ने सभी संघ यात्रियों का स्वागत कर सम्मानस्वरुप दूध से उनके पैर धोए। इस मौके पर अतिथि के रुप में मैसूरु प्राधिकरण के चेयरमैन धु्रवकुमार, देवराज थना के पुलिस इंस्पेक्टर तिम्माराज शामिल हुए। इस मौके पर आचार्यश्री ने कहा कि इस कलियुग में मोक्ष प्राप्ति का आधार जिनेश्वर भगवान के आगम और जिनेश्वर प्रतिमा है। आगम में अक्षर का आलंबन तथा प्रतिमा में आकार का आलंबन हमें निराकार बनाना है। इस मौके पर संघ के अध्यक्ष अशोककुमार दांतेवाि़डया, कोषाध्यक्ष मंगलचन्द पोरवाल, राजस्थान संघ के अध्यक्ष शांतिलाल हरण,सुमतिनाथ ट्रस्ट के ट्रस्टी मांगीलाल गोवानी, विमलकुमार, मंगलचंद जैन,भेरूलाल राठौ़ड, धनेश मेहता, प्रवीण हरण सहित ब़डी संख्या में लोगों ने भाग लिया। पूरे कार्यक्रम में सुमतिनाथ नवयुवक मंडल, महिला, बालिका व सरगम मंडल के सदस्यों ने व्यवस्थाएं संभाली।

चैत्य परिपाटी को रवाना करते हुए संघ के अध्यक्ष
चैत्य परिपाटी में शामिल श्रद्धालु