बेंगलूरु। ‘किसी भी संस्था की पहचान उसके समर्पित सदस्य, अनुशासित कार्यकर्ता तथा संस्कारवान व सुरुचिपूर्ण कार्यक्रमों से होती है। ब्रह्मवादी सांस्कृतिक संघ इन सभी मानदण्डों पर खरा उतरने वाला संगठन है। समाज में महिलाओं एवं बच्चों की प्रतिभाओं को मंच देने का कार्य यह संघ जिस निष्ठा से कर रहा है वह हर समाजिक संस्था के लिए अनुकरणीय है।’’ यह विचार श्रीमती सरोजा व्यास ने व्यक्त किए जो ब्रह्मवादी महिला शाखा द्वारा आयोजित बहुआयामी सांस्कृतिक कार्यक्रम इन्द्रधनुष – २०१७ की अध्यक्षता कर रहीं थीं। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए ब्रह्मवादी के अध्यक्ष एमके गौ़ड ने संस्था द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों की विशेषताएं बताते हुए संघ के सभी सदस्यों से मिल रहे सहयोग का आभार माना। कार्यक्रम के प्रारंभ में संघ के पदाधिकारियों के साथ मिलकर समारोह अध्यक्ष श्रीमती सरोजा व्यास ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का उदघाट्न किया। पंडित राजगुरु के नेतृत्व में, उपस्थित समस्त सदस्यों ने गायत्री महामंत्र का समवेत स्वर में पाठ किया। ब्रह्मवादी महिला शाखा प्रमुख श्रीमती उषा शर्मा ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया तथा श्रीमती रीना भारद्वाज ने श्रीमती सरोजा का जीवन परिचय दिया। संघ के महासचिव डॉ आदित्य शुक्ल ने सचिव प्रतिवेदन प्रस्तुत किया तथा संघ के उप समितियों के माध्यम से हो रहे कार्यों की जानकारियां दी। इसके पश्चात इन्द्रधनुष-२०१७ के तहत बालगोपाल शाखा के बच्चों द्वारा श्लोक पाठ, फैंसी ड्रैस, कविता एवं नृत्य के साथ रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। आदित्य शुक्ल द्वारा लिखित और निर्देशित प्रहसन ’’हम उपयोगी बनें का प्रभावी मंचन आनंद शुक्ल, आ़जाद शर्मा, उत्कर्ष तथा उन्नति ने किया। कार्यक्रम के प्रथम सत्र में विभिन्न सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं हुई। सम्पूर्ण कार्यक्रम का संचालन महिला शाखा समन्वयक अमृता शुक्ला तथा दीपाली गौर ने किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में विशेष भूमिका के लिए संगीत शर्मा, डॉ रत्ना आनंद, पूनम शर्मा, पल्लवी शर्मा, नम्रता गौर, ज्योति तिवारी, सुगन्ध शुक्ला, अंजना शर्मा, विधि भट्ट, ऋचा मिश्रा, के के शुक्ला, आजाद शर्मा, निखिल ओझा, दीपेश कुमार, रितेश पांडेय हर्षवर्धन मिश्र का सम्मान किया गया। धन्यवाद ज्ञापन संघ के सहसचिव आजाद शर्मा ने किया।