महापुरुषों के गुणों को आत्मसात करें : ज्ञानमुनि

चेन्नई। यहाँ के एसएस जैन संघ स्थानक के तत्वावधान में सैदापेट बाजार स्ट्रीट स्थित जैन स्थानक में विराजित श्री ज्ञानमुनि जी म. सा., श्री लोकेशमुनिजी म. सा. एवं श्री आदर्श मुनिजी म. सा. के सान्निध्य में रविवार को भीष्म प्रतिज्ञाधारी युगपुरुष आचार्य सम्राट श्री जयमल जी म.सा. का ३१० वां जन्मोत्सव, श्रमण संघ के प्रथम आचार्य श्री आत्माराम जी म.सा. का जन्म दिवस सामूहिक एकासन तप की आराधना व सामूहिक सामायिक साधना के द्वारा मनाया गया।इस मौके पर श्री ज्ञानमुनिजी म. सा. ने कहा कि रघुनाथ जैन परम्परा में सबसे ब़डे संत थे जयमलजी म. सा.। वह कलयुग के जम्बू थे। बचपन में उनकी शादी तय हो गई थी, फिर भी भूधरजी म.सा. का प्रवचन सुना और ब्रह्मचर्य की सौंगध ले ली और बाद में उन्होंने दीक्षा भी ले ली। उन्होंने तीन प्रहर में प्रतिक्रमण को याद कर लिया। जयमलजी म. सा. महातपस्वी एवं महाज्ञानी थे। उन्होंने सोलह वर्ष तक एकान्तर तप की आराधना की और करीब ५० साल तक लेटकर नींद नहीं ली। उन्होंने मृत्यु को महोत्सव बना दिया। आज हम उनके गुणां को याद कर उनका गुणगान करते हैं। जयमलजी ने १ महीने का संथारा लेकर देवलोक पहंुचे। आत्मरामजी म. की जयंती पर ज्ञानमुनिजी ने कहा कि दूसरे महान् संत थे आचार्य आत्मारामजी म.सा.। वह श्रुतज्ञानी थे। विद्वान थे। पूर्व में ही उन्हें भविष्य का आभास हो जाता था। वह प्रज्ञावान थे। जलियाबाग कांड के समय आचार्यश्री अमृतसर में थे। उन पर भी उपद्रव्य हुआ लेकिन उनके प्रभाव से वह निकल गए, ऐसे चमत्कारी संत थे आत्मारामजी म. सा.। लुधियाना में ठाणापति हुए। संवत २००९ में श्रमण संघ के प्रथम आचार्य बने। ज्ञानमुनिजी ने कहा कि महापुरुषों का जितना गुणगान किया जाए वह कम है। आज जरूरत है उनके गुणगान को अपने अंदर आत्मसात करने की। कार्यक्रम में वर्ष २०१८ के चातुर्मास की विनंती लेकर सिकन्दराबाद संघ से आए चेयरमैन सम्पतराज कोठारी एवं अध्यक्ष पारसमल डूंगरवाल आदि पहुंचे।कडलूर से मदनलाल खाबिया संघ के साथ, एसएन जैन संघ मदुराकांतम् संघ के साथ मंत्री सुरेश कुमार कांकलिया, कांचीपुरम् से उत्तमचन्द श्रीश्रीमाल संघ के साथ, बेंगलूरु के राजाजीनगर से राजाजीनगर युवा अध्यक्ष मिलापचन्द धारीवाल संघ के साथ, पालीन जैन संघ साहुकारपेट से लाभचन्द खारीवाल संघ के साथ उपस्थित थे। सभी का स्वागत सैदापेट संघ के अध्यक्ष प्रेमचन्द बैदमूथा, उपाध्यक्ष प्रकाशचन्द गांधी, कमलचन्द छाजे़ड, मंत्री राजेन्द्रकुमार लुंक़ड, सहमंत्री महेन्द्रकुमार लुणावत, कोषाध्यक्ष भीखमचन्द मेहता ने किया। इस मौके पर सूरजमल बोहरा, सज्जनराज लंुक़ड, गौतमचन्द लोढा, अशोककुमार लुणावत आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम के पूर्व जयमल जाप हुआ।