चेन्नई। श्री जैन महासंघ के तत्वावधान में साहुकारपेट के श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा भवन में जैन समुदाय का एक साथ-एक स्थल पर सामूहिक क्षमापना का कार्यक्रम आयोजित हुआ। स्वागत भाषण जैन महासंघ के अध्यक्ष सज्जनराज मेहता ने दिया और जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा के अध्यक्ष धरमचंद लुंक़ड ने साधु-साध्वियों का स्वागत अभिनन्दन कर सम्पूर्ण समाज से क्षमायाचना की।कार्यक्रम में राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि बचपन में मैंने भी जैन विद्यालय में प़ढाई की वहीं से मैंने नवकार महामंत्र, अहिंसा, सत्य, क्षमा के बारे में जाना और उन संस्कारों को मैंने अपने जीवन में अपनाया। महात्मा गांधी जैनाचार्यों से बहुत प्रभावित थे और अपने जीवन व्यवहार में अहिंसा के सिद्धांत को अपनाकर विश्व को एक नई राह दिखाई। उन्होंने जैनों की क्षमापना को महान बताते हुए सबसे क्षमायाचना की। जैन महासंघ, तेरापंथ सभा, तेरापंथ युवक परिषद् ने अशोक गहलोत का सम्मान किया। इस अवसर पर चेन्नई में विराजित आचार्यश्री रत्नाचलसूरीश्वरजी म. सा., गणिवर्यश्री पद्मचंद्रसागरजी म. सा., उपाध्यायश्री रविन्द्रमुनिजी म. सा., मुनिश्री भाग्यचंद्रविजयजी म. सा. ने जैन धर्म के मुख्य पर्व संवत्सरी के बारे में बताते हुए कहा कि क्षमा वीरों का भूषण है और क्षमा आदान-प्रदान अपने शत्रु से करनी चाहिए तभी वास्तव में इस दिन को मनाने की उपयोगिता होगी, क्योंकि मात्र दस सेकेण्ड की क्षमायाचना से व्यक्ति लाखों भावों के वैर को तो़ड वह मोक्ष मार्ग की ओर प्रस्थान कर लेता है।जैन महासंघ के सचिव सूरज धोका ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की एवं महासंघ की जानकारी अवगत कराते हुए सबसे इसमें जु़डने का आह्वान किया।स्थानकवासी समाज से किशनलाल चोरि़डया, मूर्तिपूजक समुदाय से शान्तिलाल जैन, दिगंबर समाज से राजकुमार, संघवी रमेश मुथा, राजेन्द्र दुग़ड, तेरापंथ सभा से उपाध्यक्ष अशोक खतंग, तेयुप अध्यक्ष मुकेश मुथा ने अपने विचार रखते हुए सभी से क्षमायाचना की। इस अवसर पर पन्नालाल सिंघवी एवं सुरेश कागरेचा ने पुलियांथोप, नार्थ टाउन आदि संघांे द्वारा साधर्मिक भक्ति में अर्थ सहयोग द्वारा लाभ लेने की उद्घोषणा की। आभार ज्ञापन तेरापंथ सभा मंत्री विमल चिप्प़ड ने, मंच का संचालन संघवी मनोज राठौ़ड ने किया।