संत अरुणविजय ने कराया प्रतिक्रमण

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हैदराबाद। यहां के फीलखाना श्री महावीर स्वामी श्वेताम्बर जैन श्वेताम्बर संघ में विराजित संतश्री अरुणविजयजी म.सा. ने कहा कि आज प्रवचन का आठवां दिन है। संवत जो कि वर्षवाची शब्द है इसके अंतिम दिन को संवत्सर, संवत्सरी के रूप में पहचाना जाता है। आत्मशुद्घि के लक्ष्य वाल पर्युषण पर्व के संवत्सरी दिन सुबह में बारसा सूत्र आगम का मूल रूप से संपूर्ण किया जाता है और दोपहर में संवत्सरी प्रतिक्रमण किया जाता है। फीलखाना जैन संघ के ट्रस्टी मुकेश चौहान जो कि मंत्री के रूप में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं उन्होंने बोली बोलकर कल्पसूत्र मूल (बारसा) सूत्र आगम अपने निवास स्थान पर ले गए। वहां रात्रि जागरण किया। श्रुत भक्ति में अनेक महिला-पुरुष जु़डे। सुबह में सपरिवार पुन: दालमंडी स्थित ऋषि भवन में लाएं। यहां महिला-पुरुषों ने भक्ति भाव से वासक्षेप से ज्ञान पूजा करके अष्टप्रकारी पूजा की। तत्श्चात फीलखाना स्थित दालमंडी के ऋषि भवन में हजारों की संख्या में उपस्थित जैनों ने संवत्सरी महाप्रतिक्रमण प्रारंभ किया। संतश्री अरुणविजयश्री म.सा. ने विस्तारपूर्वक समझाते हुए प्रतिक्रमण कराया। चैत्यवंदन स्तुति के पश्चात वृहद अतिचार को भी विस्तार से समझाया। संतश्री ने उपस्थितजनों को क्षमापना भी करवाई। इस अवसर पर उन्होंने ब़डा संवत्सरी सूत्र भी सुनाया। मुकेश चौहान और जसराज कोठारी ने बताया कि रविवार को सुबह ५:४५ बजे महावीर स्वामी जैन मंदिर से वरघो़डा के रूप में चैत्य परिपाटी की शोभायात्रा भी निकाली जाएगी जो चतुर्विध संघ की होगी।