संवत्सरी व्यक्ति को बनाती है निर्मल : साध्वी काव्यलता

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चेन्नई। यहां आचार्यश्री महाश्रमणजी की शिष्या साध्वीश्री काव्यलता जी के पावन सान्निध्य में साहुकारपेट तेरापंथ स्कूल में पर्युषण पर्व आठों दिन भारी जनमेदिनी के मध्य मनाया गया। १९ अगस्त से प्रारम्भ हुए इस पर्युषण पर्व में रोज एक विशेष दिवस के रूप में आयोजन हुआ। खाद्य संयम दिवस, स्वाध्याय दिवस, सामायिक दिवस, वाणी संयम दिवस, अणुव्रत चेतना दिवस, जप दिवस, ध्यान दिवस एवं आठवें दिन संवत्सरी महापर्व।संवत्सरी महापर्व के दिन प्रवचन प्रातः ८ बजे से सायं ४ बजे तक चला। ब़डी संख्या में उपस्थित श्रावक श्राविकाओं ने प्रवचन श्रवण का लाभ लिया। सूर्यास्त के समय सामूहिक प्रतिक्रमण में भी भारी संख्या में जनमेदिनी उपस्थित थी। प्रतिक्रमण पश्चात् साध्वीवृन्द ने श्रावक समाज से और श्रावक समाज ने साध्वीवृन्द से क्षमायाचना की। पर्युषण पर्व में रोजाना महामंत्र नमस्कार से प्रवचन का शुभारम्भ हुआ। तत्पश्चात् दैनिक विषयों पर साध्वीश्री काव्यलताजी द्वारा प्रवचन हुआ। भगवान् महावीर के सत्ताईस भवों का वाचन भी हुआ। साध्वीश्री काव्यलताजी द्वारा स्वरचित ‘पर्युषण गीत’’ का सुंदर संगान साध्वीश्री ज्योतियशाजी, साध्वीश्री सुरभिप्रभाजी, साध्वीश्री वैभवयशाजी ने प्रतिदिन किया। सातवें दिन निखिल रमणीक वाम शाह परिवार एवं शालिन अशोक शाह का सम्मान किया गया जिन्होंने आचार्यश्री महाश्रमण चातुर्मास व्यवस्था समिति को गुरुदेव के आगामी वर्ष के चातुर्मास हेतु जैन तेरापंथ नगर, माधावरम के सामने ११ एक़ड भूखण्ड निःशुल्क इस्तेमाल हेतु प्रदान किया। तपस्वियों की अनुमोदना, सभा के मंत्री विमल चिप्प़ड द्वारा की गई। तपस्वियों का सम्मान विभिन्न संस्थाओं के अध्यक्ष व मंत्री तथा समाज के वरिष्ठ श्रावकों द्वारा किया गया। संचालन साध्वीश्री ज्योतियशाजी ने किया।