प्रसिद्ध गायक कलाकार हितेश मेहता-रिषभ मेहता की प्रस्तुति से आनंदित हुए श्रोता-दर्शक

बेंगलूरु/दक्षिण भारत। देशभर में कोरोना लाकडाउन चल रहा है। ऐसे में देशभक्ति और रोमांटिक गीत-संगीत भरी शाम लेकर कोई हमारे घर तक पहुंच जाए और एक नया उत्साह, नई उमंग पैदा कर दे, हमारा मनोरंजन कर दे तो घर बैठे इससे बढिया और क्या सौगात मिल सकती है? रविवार को फेसबुक पर लाइव कार्यक्रम “सुनहरी यादें” प्रस्तुत करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्यातिप्राप्त गायक कलाकार हितेश मेहता और उनके पुत्र रिषभ मेहता ने दक्षिण भारत राष्ट्रमत के पाठकों और हितैषियों के लिए शानदार प्रस्तुति दी।

उन्होंने एक से बढ़कर एक उम्दा देशभक्ति गीतों से लेकर रोमांटिक फिल्मी गीत पेश किए। हजारों की संख्या में श्रोता-दर्शकों से भरे आडिटोरियम्स में प्रस्तुति देने वाले बड़े कलाकार ने दक्षिण भारत दैनिक के लिए फेसबुक लाइव आने में जरा भी हिचकिचाहट नहीं दर्शायी।

वे दक्षिण भारत परिवार से प्रारंभ से जुड़े रहे हैं। जब 15 वर्ष पूर्व दक्षिण भारत प्रातःकालीन के रूप में प्रारंभ हुआ उससे पहले इस ग्रुप द्वारा सांध्य दैनिक प्रारंभ किया गया था तब कर्नाटक के तत्कालीन राज्यपाल टीएन चतुर्वेदी मुख्य अतिथि थे और हितेश भाई मेहता ने उसी गीत से कार्यक्रम की शुरुआत की थी जिससे आज उन्होंने “सुनहरी यादें” कार्यक्रम की शुरुआत की।

फेसबुक लाइव पर हितेश मेहता और उनके पुत्र रिषभ मेहता की गायकी की श्रोताओं ने खूब तारीफ की। उनसे अपनी अपनी पसंद के गीतों की सिफारिश भी की परंतु इस कार्यक्रम में गानों का चयन उन्होंने पहले ही कर लिया था। आडिटोरियम में सभी संसाधनों और वाद्ययंत्रों से सुसज्जित टीम के साथ प्रस्तुति देने वाले बड़े कलाकार हितेश मेहता ने अपने घर स्थित स्टूडियो के एक हिस्से में सीमित संसाधनों के साथ इस प्रस्तुति के लिए खुद ने और उनके पुत्र ने तैयारियां कर एक घंटे से भी ज्यादा का यह शानदार कार्यक्रम पेश किया। उन्हें कमेंट्स के जरिए सराहना मिली, जिसके वे हकदार हैं।

बहुत से हमारे पाठक तकनीकी अनभिज्ञता के कारण कार्यक्रम से वंचित भी रह गए परंतु हमारी तरफ से भी यह पहला प्रयास था इसलिए हम उन्हें ठीक से अग्रिम रूप से गाइड नहीं कर सके। इसका हमें मलाल रहा। बहुत से लोग फोन करके पूछ रहे थे कि कैसे कार्यक्रम से जुड़ें। फिर भी बड़ी संख्या में दक्षिण भारत के हितैषियों ने इसका आनंद लिया और इनमें देश के विभिन्न प्रदेशों से लोग शामिल थे।

दक्षिण भारत को वाट्सएप से भी इस एक अनूठे कार्यक्रम के लिए बधाइयां मिल रही हैं तथा हितेश मेहता और उनके बेटे की गायकी की तारीफ की जा रही है। दक्षिण भारत के समूह संपादक श्रीकांत पाराशर ने भी दक्षिण भारत परिवार की तरफ से अपने पाठकों, हितैषियों के प्रति तथा हितेश मेहता के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने हितेश मेहता को फोन करके भी बधाई दी।