नई दिल्ली। अपनी आवाज की जादू से लोगों का दिल जीतने वाली गायिका हर्षदीप कौर ने कहा रियलिटी शो में बच्चों की भागीदारी के लिए उनके अभिभावक जिम्मेदार है। रियलिटी शो से पहचान बनाने वाली हर्षदीप ने कहा, रियलिटी शो में बच्चों की भागीदारी उनकी नहीं, बल्कि अभिभावको की गलती है। अभिभावक कई बार बच्चों से बहुत ज्यादा उम्मीदे करने लगते है और छोटी उम्र में ही उन्हें स्टार बनाना चाहते है, जो कि गलत है। अभिभावकों को समझना चाहिए की बच्चों के लिए दूसरी चीजों के साथ पढाई सबसे ज्यादा जरूरी है। को-करिकुलर एक्टिविटी में बच्चों को हिस्सा लेने दे लेेेकिन प्राथमिकता पढाई पर दी जानी चाहिए। हर्षदीप ने कहा, आप में जो भी टैलेंट है आप उसे बाद में भी निखार सकते है लेकिन पढाई में पीछे छूट गए तो उसे कवर करना काफी मुश्किल होता है। बचपन में मैं भी पढाई पर ज्यादा ध्यान देती थी, परीक्षा के समय कोई शो होता भी था तो उसे छोड देते थे या शो पर अपनी किताबें साथ लेकर जाती थी। अभिभावकों को सामझना होगा कि हर चीज का विकल्प है पढाई का नहीं।‘रियलिटी शो के गिरते स्तर पर हर्षदीप ने कहा, पहले बहुत कम रियलिटी शो होते थे साल में एक या दो होता था, अब बहुत सारा होता है और हर चैनल पर एक सिंगिंग रियलिटी शो है, संख्या बढने से उसका गुणवत्ता में गिरावट आई है। उन्होंने कहा कि रियलिटी शो एक अच्छा प्लेटफार्म देते है जिससे टैलेंट को पहचान मिलती है लेेकिन उसके बाद यह कलाकार पर निर्भर करता है कि वह किताना मेहनत कर खुद को आगे ले जाता है।हर्षदीप ने हाल ही में अपना सिंगल (एक गाने का एलबम) ’’दिल दी रिझ’’ के बारे में कहा कि ग्रामीण पृष्ठभूमि पर बने इस समकालीन लोक गीत में पंजाब की समृद्धि परंपरा और संस्कृति को दिखाया गया है।उन्होंने कहा, पहली बार दर्शक मुझे अभिनय और डांस करते हुए देखेंगे। मैं लोगों को अलग अंदाज में दिखूंगी। शादी के बाद पहली बार इस गाने के लिए मैं इतना सजी हूं। गाने के वीडियो के लिए मैंने पारंपरिक पंजाबी पोशाक, फुलकारी दुपट्टा, पंजाबी जूती पहनी ही। इसकी शूटिंग पटियाला के पास नाभा में हुई है जहां के बाजार में हमने शूटिंग की है।‘