प्रवासी मजदूरों को घर पहुंचाने के लिए लाई गई एक बस के निकट खड़े अभिनेता सोनू सूद
प्रवासी मजदूरों को घर पहुंचाने के लिए लाई गई एक बस के निकट खड़े अभिनेता सोनू सूद

मुंबई/दक्षिण भारत। अभिनेता सोनू सूद इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में हैं। इस बार वजह उनकी फिल्में नहीं बल्कि लॉकडाउन में प्रवासी श्रमिकों के लिए बसों का इंतजाम और मदद के तौर पर की जा रही कोशिशें हैं, जिसके लिए उनकी काफी तारीफ की जा रही है। इसी सिलसिले में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी सोनू सूद की तारीफ की।

बता दें कि सोनू सूद ने एक ट्वीट किया था, जिसमें प्रवासी श्रमिक से अपना नंबर साझा करने के लिए कहा था। दरअसल, सोनू उस शख्स को घर पहुंचाने में मदद करना चाहते थे। बाद में इस ट्वीट को टैग करते हुए स्मृति ईरानी ने कहा, ‘मेरा सौभाग्य है कि दो दशक से अधिक समय से मैं आपको एक पेशेवर सहकर्मी के तौर पर जानती हूं और एक अभिनेता के तौर पर आपको उभरते हुए देखा है, लेकिन इस मुश्किल दौर में आपने जो दयालुता दिखाई है, उससे मुझे गर्व महसूस हुआ। मुश्किल में फंसे लोगों की मदद करने के लिए आपका शुक्रिया।’

इससे पहले, महाराष्ट्र सरकार के मंत्री जयंत पाटिल ने भी शनिवार को प्रवासी श्रमिकों के लिए बसों का इंतजाम करने पर सोनू सूद की कोशिशों को सराहा था। मंत्री ने ट्वीट किया, ‘सोनू सूद घर जाने के इच्छुक प्रवासियों के लिए बसों की व्यवस्था कर रहे हैं। वे कई प्रवासियों की मदद करने की कोशिश कर रहे हैं। पर्दे पर खलनायक बनने वाला वास्तविकता में एक प्रेरणादायक नायक है! भगवान उन पर कृपा बनाए रखे।’

मंत्री ने अपने ट्वीट में सोनू सूद की एक तस्वीर पोस्ट की, जिसमें वे मजदूरों को घर भेजे जाने के लिए लाई गईं बसों के निकट खड़े हैं। एक बयान में सोनू सूद ने कहा, ‘यह मेरे लिए एक बेहद भावनात्मक यात्रा रही है। घरों से दूर सड़कों पर चलते इन प्रवासियों को देखकर मुझे दुख होता है।’

उन्होंने कहा, ‘जब तक अंतिम प्रवासी अपने परिवार और प्रियजन से नहीं मिल जाता, तब तक मैं प्रवासियों को घर भेजना जारी रखूंगा। यह मेरे दिल के बहुत करीब है।’ सोनू की इन कोशिशों को उनके प्रशंसकों ने सलाम किया है। उन्होंने कहा कि सोनू ने फिल्मों में नायक या खलनायक की भूमिकाएं निभाई हैं, लेकिन लॉकडाउन में उन्होंने साबित कर दिया कि वे असल ज़िंदगी के हीरो हैं।