सपनों की दुनिया अंतहीन है। यह दुनिया जितनी खूबसूरत है उतनी या फिर कह लीजिए उससे भी कहीं ज्यादा रहस्यों से भरी है। यहां ऐसी-ऐसी घटनाएं हो जाती हैं, जिनका आपके जीवन से एक गहरा रिश्ता तो है लेकिन ये घटनाएं या हादसे आपकी समझ से इतने परे होते हैं कि आप समझ ही नहीं पाते आखिर आपने यह सपना क्यों देखा? हर सपना अपना एक अलग महत्व और अर्थ रखता है। मनुष्य इनके रहस्य से पूरी तरह अनभिज्ञ होता है इसलिए जान नहीं पाता कि असल में वह इन सपनों को क्यों देख रहा है और वे सपने जो उसे हर रात सताते हैं उनका उसके जीवन से क्या संबंध है? सपने अलग-अलग प्रकार के होते हैं और साथ ही उनकी अपनी एक अलग भाषा भी होती है जिसे समझने का प्रयास हमें अवश्य करना चाहिए। सपनों से जु़डे कुछ अनसुलझे राज भी हैं तो उनके साथ संबंधित कुछ ऐसे तथ्य भी हैं जिससे अकसर मनुष्य अंजान ही रह जाते हैं। €द्भय् ·र्ैंब्त्रष्ठ ब्स्र ृय्झ्·द्द फ्झ्द्मष्ठ ?वैज्ञानिकों के अनुसार, व्यक्ति चाहे किसी भी उम्र, वर्ग या लिंग का हो, वह सपने अवश्य देखता है। सपने देखना उसकी जिंदगी का एक ब़डा भाग है। एक अनुमान के अनुसार, हमारा सपना ५-२० मिनट तक की अवधि तक चलता है। एक औसत व्यक्ति अपने जीवन के छ: वर्ष केवल सपने देखने में व्यतीत कर देता है। हर सपना सामान्य नहीं होता। इनमें से कुछ ऐसे भी होते हैं जो अचेतावस्था में भी आपके दिमाग को स्थिर कर देते हैं। मस्तिष्क के स्थिर हो जाने की वजह से आपका शरीर भी स्थिर हो जाता है और आप पूरी तरह खुद को नि्क्रिरय पाते हैं। आप जब तक वह सपना देखते हैं तब तक कोई भी प्रतिक्रिया नहीं दे पाते। अगर यह सपना बिना पूरा हुए टूट जाता है या किसी कारणवश बीच में ही आपकी नींद खुल जाती है तब भी आपका मस्तिष्क अचानक से कार्य करना नहीं शुरू करता बल्कि उसे क्रियाशील होने में समय लगता है। इसके परिणामस्वरुप आप कम से कम १०-१५ मिनट तक के लिए खुद को लकवाग्रस्त महसूस करते हैं।

वैज्ञानिकों का मानना है कि जब आप किसी ऐसे कमरे में सोते हैं जहां काफी ठंड होती है, तो वहां शीतलता होने की वजह से आप नींद में केवल बुरे सपने ही देखते हैं। इतना ही नहीं वैज्ञानिकों का यह भी कहना है ८० प्रतिशत लोग रंगीन सपने देखते हैं लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्हें या तो ब्लैक एंड व्हाइट सपने नजर आते हैं या फिर हल्के रंग के सपने दिखते हैं। आप किसी भी प्रकार का सपना देख सकते हैं। पहा़डों पर च़ढ सकते हैं, आसमान में उ़ड सकते हैं, शेर की सवारी तक कर सकते हैं। लेकिन, सपने में आप ना तो घ़डी में समय देख सकते हैं और ना ही किताब के अक्षर प़ढ सकते हैं। यकीन नहीं आता तो नेक्स्ट टाइम ट्राई कर के देखिए। मनुष्य का दिमाग ना तो अपने आप शक्ल बना सकता है और ना ही किसी अक्षर को खुद ग़ढ सकता है इसलिए आप अपने सपने में जो भी देखते हैं वह कभी ना कभी, किसी ना किसी रूप में आपने पहले देखा हुआ होता है। भले ही फिर वह आपने बचपन में देखा हो और आप उसे भूल गए हैं।इंसानों के साथ-साथ जानवर भी सपने देखते हैं। कभी आपने सोते हुए जानवर को अपनी पूंछ हिलाते या पांव चलाते हुए देखा है? शोधकर्ताओं का कहना है कि ये इसलिए होता है क्योंकि उस समय वे भी सपने देख रहे होते हैं। अगर आप ऐसे सपने देखते हैं जिसकी वजह से आप सपनों में चिल्लाते या फिर किसी के प्रति हिंसा करते हैं तो यह आपके मानसिक विकार का सूचक हो सकता है। अगर सपने में आप चीखते-चिल्लते हैं तो आपको जरूर किसी मनोवैज्ञानिक की सलाह लेनी चाहिए।

कोई भी व्यक्ति बिना सोए नहीं रह सकता लेकिन ब्रिटिश मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस ने अपने सैनिकों के लिए एक ऐसा स्लीप बटन बनवाया था जिससे कि बिना सोए ही वे लगातार ३६ घंटों तक काम कर सकते थे। इन सैनिकों की आंखों के भीतर एक फाइबर ऑप्टिकल लगाया गया, जिससे उन्हें एक अजीब सा भ्रम महसूस होता था और वे लगातार जगे रहते थे। आम धारणा है कि महिलाएं स्वभाव से बेहद आलसी होती हैं और उन्हें ज्यादा नींद भी आती है। अब वैज्ञानिक रूप से भी यह सिद्ध हो गया है कि महिलाओं को पुरुषों की अपेक्षा एक घंटे ज्यादा नींद ज्यादा चाहिए होती है। अगर उन्हें यह एक घंटा नहीं मिलता तो वे पूरे दिन तनावग्रस्त रहती हैं। हम अपने सपने में जो चाहे वो देख सकते हैं, जैसा चाहे महसूस कर सकते हैं, लेकिन एक बात जो वैज्ञानिक तौर पर प्रमाणित है कि हम खुशी और गम के सपनों में सबसे ज्यादा ऐसे सपने देखते हैं जो हमें मानसिक रूप से परेशान कर देते हैं।