जीरे के बारे में तो आप जानते ही होंगे, बिना जीरे का छौंक लगाएं सब्जी का स्वाद अधूरा लगता है लेकिन आज हम आपको कश्मीरी जीरे के बारे में बता रहे हैं। दिखने में जीरे जैसा लेकिन स्वाद में क़डवा और महक में काफी तीखा होता है। कश्मीरी जीरे में एंटीऑक्सीडेंट की अधिक मात्रा कैंसर जैसे रोगों से आपका बचाव करती है। इसके अलावा इसके सेवन से दांत दर्द और हेपेटाइटिस जैसे रोगों में भी आराम मिलता है। बीमारियों से बचने के लिए आप इसका सेवन शहद में मिलाकर या पानी या दूध में उबालकर ले सकते है। दांत दर्द : कश्मीरी जीरे में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण दर्द में तुरंत आराम पहुंचाते हैं और मसू़डों में होने वाले इंफेक्शन को दूर करता है। अगर आप दांतों में दर्द के कारण अक्सर परेशान रहते हैं तो कश्मीरी जीरे के तेल से रोजाना कुल्ला करें।इम्यूनिटी ब़ढाएं : बीमारियों से बचने के लिए शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता का मजबूत होना बेहद जरूरी होता है और कश्मीरी जीरे में मौजूद एंटीइंफ्लेमेटरी, एंटीवायरल और एंटीबैक्टीरियल गुण किसी भी तरह के इन्फेक्शन से आपका बचाव करते हैं। इम्यूनिटी ब़ढाने के लिए काले जीरे के तेल में शहद और दालचीनी मिलाकर उसका नियमित सेवन करें। डायबिटीज करें कंट्रोल : कश्मीरी जीरे के सेवन से सीरम ग्लूकोज की ब़ढी हुई मात्रा कम होने लगती है और इससे डायबिटीज नियंत्रण में रहता है। रिसर्च के अनुसार काले जीरे का सेवन खासतौर पर टाइप -१ और टाइप-२ डायबिटीज मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद होता है।कब्ज से राहत : कश्मीरी जीरे के सेवन से आपकी आंतें और भोजन नली अच्छे से साफ होती है, इसके कारण पूरा पाचन तंत्र बेहतर होने लगता है। इसलिए अगर आप भी कब्ज, गैस या पेट फूलने की समस्या से परेशान रहते हैं तो इसका सेवन नियमित रूप से करें।