एचसीजी या ह्युमन कोरियोनिक गोनाडोट्रापिन ऐसी आहार योजना है जिसका किसी भी प्रकार से अब तक कोई साइड इफेक्ट नहीं हुआ है। यह एक अतिरिक्त संपूर्ण आहार योजना है जो सामान्य मेटाबॉलिज्म के कार्यों को प्रभावित किए बिना शरीर से अतिरिक्त चर्बी को कम कर वजन घटाता है। एजसीजी डाइट प्लान के कार्यक्रमों के जरिये वजन को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। एचसीजी एक प्राकृतिक हार्मोन है जो कि गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं में पाया जाता है। शरीर में जो अतिरिक्त वसा एकत्रित होती है उसे एचसीजी आहार योजना के तहत वसा को ऊर्जा में परिवर्तित किया जाता है। एचसीजी आहार योजना बहुत ही सरल है और आप भी इसका फायदा उठा सकते हैं। लेकिन यदि एचसीजी डाइट प्लान अगर गलत तरीके से अपनाया जाता है तो शरीर पर इसका प्रभाव नहीं पडता है। लोगों के अन्दर यह विचार है कि एचसीजी डाइट प्लान असुरक्षित है, जिसके कारण लोगों को इसे अपनाने में संकोच होता है। हालांकि एचसीजी आहार योजना पूरी तरह से सुरक्षित है और पूरी दुनिया में लोग इसका फायदा उठा रहे हैं। चिकित्सकों और विशेषज्ञों ने लोगों को इस योजना को अपनाने के बारे में सलाह दी है। अगर कोई व्यक्ति ईलाज के बाद एचसीजी योजना अपनाता है, तो उसके अंदर से २०-३० पाउंड अनावश्यक वसा कम हो जाती है। एचसीजी आहार योजना को तीन चरणों में बांटा गया है लोडिंग, मेंटेनेंस और स्टेबिलाइजिंग।शुरुआत के दो दिनों में एचसीजी वेट लॉस थेरेपी को ‘लोडिंग फेज‘ कहा जाता है। इस स्टेज में लोग ज्यादा कैलोरी वाला खाना जैसे- पिज्जा, बर्गर, चॉकलेट, चावल आदि खिलाया जाता है। इसके तहत यह कोशिश की जाती है कि आदमी या औरत अपने अंदर ज्यादा से ज्यादा कैलोरी वाला खाना खा लें जिससे कि आगे के दिनों में जब शरीर को कम कैलोरी वाला खाना मिले तो शरीर को कोई नुकसान न हो।दूसरे चरण को ‘मेंटेनेंस फेज‘ भी कहते हैं। इसमें आदमी की मोटाई के हिसाब से तीन सप्ताह से लेकर ४० दिन तक का समय लगता है। इसमें आदमी को बहुत कम कैलोरी वाला खाना के साथ १०-१५ बूंदों की खुराक दिन में तीन बार पिलाई जाती है। इस स्टेज में आदमी के पेट, थाई, ठोढी, हाथ, पैर और शरीर के अन्य जगह से अतिरिक्त चर्बी समाप्त हो जाती है। इसके कारण आदमी कुछ दिनों में ही पतला हो जाता है।तीसरे चरण को ‘स्टेबिलाइजेशन फेज‘ कहा जाता है जो कि आखिरी चरण होता है। इसमें आदमी को बहुत ही कम कैलोरी वाला खाना खाने की सलाह दी जाती है। लेकिन पूरी तरह से शुगर और स्टार्च से बचना चाहिए जिससे कि वजन स्थिर रहे, बढे ना। एचसीजी डाइट प्लान के तहत लगभग ६० दिन का समय लग सकता है। इसमें आदमी अपना वजन कम से कम १५ किग्रा या उससे ज्यादा घटा सकता है। एचसीजी डाइट प्लान अपनाने के बाद खाद्य-पदार्थों को खाने में सावधानी बरतनी चाहिए। कम कैलोरी वाला और वसा रहित खाना चाहिए।